Ram Mandir Inauguration: अमेरिका-न्यूजीलैंड से मिल रहे ऑर्डर, राम मंदिर के मॉडल की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ी
Ram Mandir Inauguration: दुकानदारों के अनुसार, मंदिर के इन मॉडल के अलावा, भगवान राम के नाम वाली धातु की अंगूठियां, लॉकेट और दूसरे कपड़े की वस्तुएं भी अयोध्या की दुकानों पर हाथों हाथ बिक रही हैं। जमकर बिक्री हुई। अयोध्या के पड़ोसी फैजाबाद शहर के सहादतगंज इलाके में ऐसे सामानों की एक वर्कशॉप है, जहां अलग-अलग आकार के मॉडल (तैयार और अधूरे दोनों) वर्कशॉप में बिखरे हुए थे
Ram Mandir Inauguration: अमेरिका-न्यूजीलैंड से मिल रहे ऑर्डर, राम मंदिर के मॉडल की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ी
Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) में प्राण प्रतिष्ठा (Prana Pratishta) समारोह से पहले ही इसके लकड़ी से बने अलग-अलग मॉडल की मांग कई गुना बढ़ गई है। इन मॉडल को बनाने वाली एक कंपनी ने दावा किया कि अमेरिका और न्यूजीलैंड से भी मॉडल की खरीद के ऑर्डर मिल रहे हैं। मॉडल में रामजन्मभूमि स्थल पर निर्माणाधीन भव्य मंदिर के डिजाइन को दिखाया गया है। मॉडल एक आधार पर खड़े हैं, जिस पर हिंदी में लिखा है- ‘श्री राम मंदिर अयोध्या' या ‘श्री रामजन्मभूमि मंदिर अयोध्या’।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, दुकानदारों के अनुसार, मंदिर के इन मॉडल के अलावा, भगवान राम के नाम वाली धातु की अंगूठियां, लॉकेट और दूसरे कपड़े की वस्तुएं भी अयोध्या की दुकानों पर हाथों हाथ बिक रही हैं। जमकर बिक्री हुई।
अयोध्या के पड़ोसी फैजाबाद शहर के सहादतगंज इलाके में ऐसे सामानों की एक वर्कशॉप है, जहां अलग-अलग आकार के मॉडल (तैयार और अधूरे दोनों) वर्कशॉप में बिखरे हुए थे, जबकि इस दौरान एक कर्मचारी धैर्यपूर्वक छोटे-छोटे हिस्सों को एक साथ जोड़ रहा था।
पिछले कुछ सालों से डिस्प्ले बोर्ड, विज्ञापन बोर्ड और राम मंदिर का लकड़ी से बनें मॉडल और दूसरी चीजें बनाने वाली ‘अवध आदित्य कंपनी’ के मालिक आदित्य सिंह के अनुसार, उनके प्रोडक्ट की मांग हाल ही में कई गुना बढ़ गई है।
राम मंदिर के पॉकेट मॉडल की बढ़ी मांग
सिंह ने कहा, "अयोध्या में स्थानीय स्तर पर इन लकड़ी के मॉडल, खासतौर से ‘पॉकेट’ राम मंदिर की मांग में बहुत बढ़ोतरी हुई है। हम स्थानीय बाजारों और दूसरी स्थानों पर भी सप्लाई करते हैं। फिलहाल हमें देश के दूसरे राज्यों से भी बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं।"
उन्होंने कहा ‘पॉकेट मॉडल’ का मतलब चार इंच लंबे, ढाई इंच चौड़े और पांच इंच ऊंचे मिनी-मॉडल से है, जिसकी कीमत 100 रुपए प्रति मॉडल है।
अयोध्या की गलियों में ‘पॉकेट मंदिर’ मॉडल की बहुत मांग है। सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी को न केवल पूरे भारत से, बल्कि विदेशों से भी ऑर्डर मिले हैं।
उन्होंने कहा, "हमें अमेरिका से किसी व्यक्ति ने राम मंदिर के दो मॉडल का ऑर्डर दिया। इसी तरह न्यूजीलैंड के भी किसी व्यक्ति ने दो मॉडल के ऑर्डर दिए हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी ग्राहक ने 18 इंच लंबे, 10 इंच चौड़े और 12 इंच चौड़े मॉडल के लिए ऑर्डर दिया है।"
दूसरे आकार के मॉडल में वह मॉडल शामिल है, जिसकी लंबाई पांच इंच, चौड़ाई तीन इंच और ऊंचाई छह इंच है। लेकिन सबसे बड़े मॉडल की लंबाई 25 इंच, चौड़ाई 14 इंच और ऊंचाई 20 इंच है। सिंह ने कहा कि सबसे बड़े मॉडल की कीमत 8000 रुपए है।
अयोध्या में राम पथ के किनारे धार्मिक सामान बेचने वाली कई दुकानें ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इन भव्य मॉडलों को प्रदर्शित करती हैं।
सबसे छोटा मॉडल 100 रुपए का
राम पथ के किनारे स्थित 'अवध धार्मिक एंड फोटो फ्रेमिंग' दुकान के मालिक रितिक गुप्ता ने कहा कि लोग मंदिर के हर तरह के मॉडल खरीद रहे हैं।
ग्राहकों की सेवा करने के दौरान उन्होंने कहा, "सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल आकार में सबसे छोटा है और इसकी कीमत 100 रुपए है। हर आकार के मॉडल की मांग है- बड़ा, मीडियम, छोटा। मांग में ये बढ़ोतरी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ तक बनी रहेगी और मुझे लगता है कि यह इसके बाद पूरे साल बिकेगा।"
उन्होंने कहा कि ‘जय श्री राम’ लिखी अंगूठियां और चाबी का गुच्छा, कंगन, धार्मिक मूर्तियां, सब कुछ तेजी से बिक रहा है। गुप्ता ने कहा, "राम के नाम वाली कोई भी वस्तु इस समय लोकप्रिय है।"
राम मंदिर की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए 22 जनवरी को एक लाख से ज्यादा भक्तों के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
अवध आदित्य के एक कर्मचारी ने कहा, "भारत में हमें महाराष्ट्र, गोवा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और दूसरी जगहों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। कई लोग थोक में ऑर्डर कर रहे हैं, जैसे कि 100 मॉडल, लेकिन वर्तमान में हमारे पास सीमित वर्कफोर्स है, इसलिए हम हर ग्राहक तक अधिकतम 10 मॉडल की सप्लाई 22 जनवरी तक सुनिश्चित कर सकते हैं।"
25 कारीगर ऐसे बना रहे मॉडल
अवध आदित्य की इकाई के पर्यवेक्षक उपेंद्र सिंह ने कहा कि इन मॉडल को तैयार करने के लिए लगभग 25 कारीगर काम कर रहे हैं और टीम का विस्तार करने की योजना है।
उनकी मेज पर लकड़ी के छोटे छोटे टुकड़े बिखरे पड़े हैं। वह दिखाते हैं कि कैसे पुर्जों को जोड़ने का काम कदम दर कदम पूरा किया जाता है।
उन्होंने कहा, "एक दिन में एक कार्यकर्ता अधिकतम पांच मॉडल तैयार कर सकता है। कंपनी कच्चे माल के लिए पाइनवुड MDF (मीडियम डेंसिटी फाइबर) शीट का इस्तेमाल करती है, जो न्यूजीलैंड से यहां आती है और दिल्ली की एक कंपनी इसे खरीदती है।
उन्होंने कहा कि इन शीट को लेजर मशीन से काटा जाता है, लेकिन खंभों को जोड़ने में सबसे ज्यादा समय लगता है।
‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के महासचिव चंपत राय ने पहले कहा था कि पारंपरिक नागर शैली में निर्मित राम मंदिर परिसर की लंबाई 380 फुट (पूर्व-पश्चिम दिशा), चौड़ाई 250 फुट और ऊंचाई 161 फुट होगी। मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फुट ऊंची होगी और मंदिर में कुल 392 खंभे और 44 फाटक होंगे।
बाजार में मंदिर के कुछ मॉडल पर लकड़ी का झंडा लगा है, अन्य मॉडल पर प्लास्टिक जैसी सामग्री से बना भगवा रंग का झंडा लगा दिखा।