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Nipah Virus: क्या 'रामबूटन' की वजह से केरल में फैला निपाह वायरस? जानिए Rambutan फल के बारे में सब कुछ

आशंका है कि रामबूटन फल खाने के बाद एक बच्चा निपाह वायरस का शिकार हो गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 06, 2021 पर 6:08 PM
Nipah Virus: क्या 'रामबूटन' की वजह से केरल में फैला निपाह वायरस? जानिए Rambutan फल के बारे में सब कुछ

केरल के कोझिकोड (Kerala Kozhikode) जिले में रविवार को 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस (Nipah Virus) संक्रमण के कारण मौत के बाद हड़कंप मच गया। CNN न्यूज 18 के मुताबिक, बच्चे की निपाह वायरस के चलते मौत होने के बाद आठ लोगों और रामबूटन फल (Rambutan Fruits) का सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी पुणे (NIV Pune) जांच के लिए भेजा गया है।

केरल में निपाह संक्रमण के मामले की पुष्टि होते ही केंद्र सरकार के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की एक टीम राज्य के स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहयोग मुहैया कराने के लिए फौरन रवाना कर दी।

केरल भेजी गई केंद्रीय टीम ने वायरस से मरने वाले बच्चे के घर का दौरा किया। टीम ने पास के क्षेत्र से रामबूटन फलों के सैंपल भी लिए, क्योंकि परिवार को संदेह था कि इसी फल को खाने के बाद लड़का निपाह वायरस से संक्रमित हो गया था।

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राज्य सरकार ने 251 लोगों को बच्चे के प्राइमरी कॉन्टैक्ट के तौर पर चिह्नित किया है और इन लोगों पर नजर रखी जा रही है। बच्चे के निपाह वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद छठमंगलम पंचायत और पास के इलाके को पूरी तरह कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। इसी इलाके में पीड़ित युवक वायरस से संक्रमित पाया गया था। पीड़ित परिवार के घर के तीन किलोमीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।

क्या है रामबूटन फल?

पीड़ित परिवार ने दावा किया कि बच्‍चे ने रामबूटान फल खाया और उसी के बाद उसकी तबीयत खराब हुई। 27 अगस्त को कोझिकोड में बच्चे के निपाह वायरस से पीड़ित होने का पता चला था। उसे सबसे पहले एक स्थानीय क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। बाद में उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई।

रामबूटन फल आमतौर पर भारत में उतना चर्चित नहीं है, लेकिन दक्षिण एशियाई देशों में ये खूब पाया जाता है। लीची जैसा दिखने वाला यह फल भारत में मुख्‍यत: दक्षिणी राज्‍यों में पाया जाता है। इसे रामबूटन या रामबुतान फल कहा जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फल को चमगादड़ ने जूठा किया हो, क्योंकि जब पिछली बार केरल में निपाह फैला था तब भी ये फल और चमगादड़ दोनों चर्चा में आए थे।

मई, 2018 में केरल में सबसे पहले निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उस दौरान इसकी वजह से 17 लोगों की जान चली गई थी। यह फल स्‍वादिष्‍ट होने के साथ-साथ बेहद पौष्टिक भी होता है। खट्टे-मीठे स्‍वाद वाला रामबूटन फल विटामिन-सी से भरपूर होता है। रामबूटन के 100 ग्राम में करीब 84 कैलोरी होती है और फैट बस 0.1 ग्राम होता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना 5 से 6 रामबूटान फल खाने से शरीर की विटामिन सी की डेली जरूरत का आधा हिस्‍सा पूरा किया जा सकता है। इसमें कॉपर, मैंगनीज, फॉस्‍फोरस, मैग्‍नीशियम, आयर्न और जिंक पाया जाता है। ये फल लाल रंग के बालों सी कवच वाला होता है, जिसके अंदर लीची जैसा मीठा गुदेदार फल होता है। कहा जाता है कि इस फल के पेड़ पर अक्सर चमगादड़ अपना बसेरा बना लेते हैं।

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