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RBI ने जारी किया गाइडलाइंस, 30 दिन में हो लोन डिफॉल्टर की पहचान

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2018 को जारी RBI के गाइडलाइंस खारिज कर दिए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 07, 2019 पर 6:19 PM
RBI ने जारी किया गाइडलाइंस, 30 दिन में हो लोन डिफॉल्टर की पहचान

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बैड लोन की समस्या से निपटने के लिए नए गाइडलाइंस जारी किए हैं। इससे पहले रिजर्व बैंक ने 12 फरवरी 2018 को गाइडलाइंस जारी किए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उन्हें खारिज कर दिया था। रिजर्व बैंक के पुराने गाइडलाइंस में कहा गया था कि अगर किसी लोन में एक दिन का भी डिफॉल्ट होता है तो बैंकों को उसके निपटान का काम शुरू कर देना चाहिए। आज यानी 7 जून को जारी गाइडलाइंस में कहा है कि बैंक 30 दिनों के भीतर डिफॉल्टर्स की पहचान होनी चाहिए।

रिजर्व बैंक ने स्ट्रेस्ड एसेट्स के रेजोल्यूशन के अपने फ्रेमवर्क में कहा है कि लेंडर्स को लोन अकाउंट्स को देखकर यह पहचान करनी होगा कि किनमें डिफॉल्ट हो सकता है।

RBI के गाइडलाइंस की अहम बातें

सभी लेंडर्स को स्ट्रे्स्ड एसेट्स के रेजोल्यूशन के लिए बोर्ड से अप्रूव पॉलिसी को लागू करना होगा।

उम्मीद है कि डिफॉल्ट से पहले लेंडर्स रेजोल्यूशन प्लान लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

लेंडर्स को उन सभी कर्जदारों की क्रेडिट इनफॉरमेंशन पर रिपोर्ट देनी होगी जिन्होंने 5 करोड़ या इससे ज्यादा का लोन लिया है।

अगर रेजोल्यूशन प्लान लागू होता है तो सभी लेंडर्स को इंटरक्रेडिटर एग्रीमेंट (ICA) करना होगा।

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