आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट में कमी कर दी है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 फरवरी को सुबह 10 बजे इसका ऐलान किया। इसकी उम्मीद पहले से की जा रही थी। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना था कि आरबीआई के नए गवर्नर अपनी पहली मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट घटाने का ऐलान करेंगे। मल्होत्रा ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी की है। इससे रेपो रेट 6.25 फीसदी पर आ गया है।
होम लोन सस्ता होने का इंतजार खत्म
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरेस्ट रेट में कमी से होम लोन लेने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बीते पांच साल से वे होम लोन की EMI में कमी आने का इंतजार कर रहे थे। इंटरेस्ट रेट में कमी से बैंक होम लोन लेने वाले लोगों की EMI में कमी करेंगे। इससे उन लोगों को जल्द फायदा मिल जाएग, जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है। फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन (Home Loan) का इंटरेस्ट रेपो रेट के हिसाब से तय होता है। रेपो रेट बढ़ने पर वह बढ़ जाता है। रेपो रेट के घटने पर घट जाता है।
एमपीसी ने एक राय से लिया फैसला
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 5 फरवरी को शुरू हुई थी। तीन दिन तक चली बैठक के बाद कमेटी ने इंटरेस्ट रेट में कमी करने का फैसला किया। इससे इकोनॉमिक ग्रोथ को भी बढ़ावा मिलेगा। लोन सस्ता होने से लोगों की दिलचस्पी लोन लेकर खरीदारी करने में बढ़ेगी। इससे इकोनॉमी में कंजम्प्शन बढ़ेगा। इससे पहले 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स में कमी की थी। उन्होंने 12 लाख तक सालाना इनकम वाले लोगों के लिए टैक्स जीरो कर दिया।
इकोनॉमी की ग्रोथ भी तेज होगी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरेस्ट रेट घटाने के फैसले से इकोनॉमी की ग्रोथ तेज होगी। कंजम्प्शन बढ़ेगा। यही वजह है कि एमपीसी ने एक राय से रेट घटाने का फैसला किया। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर रिटेल इनफ्लेशन खासकर खाने-पीने की चीजों की कीमतें कंट्रोल में रहता है तो आने वाले कुछ महीनों में आरबीआई इंटरेस्ट रेट में एक और कमी कर सकती है।
कितना घटेगा होम लोन का इंटरेस्ट रेट?
अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया है तो आपकी EMI में जल्द कमी आएगी। बैंक आम तौर पर रेपो रेट में कमी आने के बाद होम लोन और दूसरे लोन पर इंटरेस्ट रेट में कमी का फैसला लेते हैं। अभी होम लोन का इंटरेस्ट रेट 8.35 फीसदी से शुरू होता है, जो बढ़कर 9 फीसदी तक जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंक अपने होम लोन में एक-चौथाई फीसदी की कमी कर सकते है।
अगर बैंक आपका इंटरेस्ट रेट नहीं घटाता है तो?
कुछ बैंक रेपो रेट में कमी के बाद भी होम लोन का इंटरेस्ट रेट घटाने में देरी करते हैं या नहीं घटाते हैं। अगर आपका बैंक भी होम लोन का इंटरेस्ट नहीं घटा रहा है तो आप अपने लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको थोड़ा होम वर्क करना होगा। आप उसी बैंक में अपने होम लोन को ट्रांसफर कराए, जिसकी सर्विस अच्छी है। साथ ही इंटरेस्ट रेट में कम से कम 0.25-0.30 फीसदी की कमी होन पर ही लोन को ट्रांसफर कराए।
होम लोन लेने जा रहे है तो क्या करना है?
अगर आप होम लोन लेने के लिए इंटरेस्ट रेट में कमी का इंतजार कर रहे थो आपका इंतजार खत्म हो गया है। बैंकों के होम लोन का इंटरेस्ट रेट घटाने में थोड़ा समय लग सकता है। इसलिए जल्दबाजी नहीं करे। आपको लिए थोड़ा इंतजार कर लेना ठीक रहेगा। बैंकों के अपने होम लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करने के बाद आपको यह तय करना होगा कि किस बैंक से होम लोन लेना ठीक रहेगा। सिर्फ कम इंटरेस्ट देखकर बैंक के बारे में फैसला नहीं लें। इस बात को भी ध्यान में रखें कि इंटरेस्ट रेट को लेकर बैंक का रिकॉर्ड कैसा है।
कार खरीदने जा रहे हैं तो क्या करना है?
यह माना जा रहा है कि बैंक होम लोन सहित ऑटो लोन के इंटरेस्ट रेट में भी कमी करेंगे। इससे कार लोन सस्ता होगा। कई बैंकों के पास पैसे की कमी नहीं है। उनके पास अच्छी लिक्विडिटी है। ऐसे बैंक कार लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करेंगे। इसलिए ऑटो लोन लेने का फैसला जल्दबाजी में नहीं करें। आपके लिए थोड़ा इंतजार कर लेना ठीक रहेगा।