भारत में रोड एक्सिडेंट पर आया 'कैशलेस स्कीम', होगा मुफ्त में इलाज, जानें सरकार ने क्या कहा?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इसके लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था शुरू की गई है। इसका मतलब है कि अगर किसी सड़क हादसे में कोई घायल होता है तो इलाज का खर्च सरकार उठाएगी

अपडेटेड Jan 07, 2025 पर 8:23 PM
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Nitin Gadkari : भारत में रोड एक्सिडेंट को लेकर शुरू होगी 'कैशलेस योजना'

Road Accident Cashless Scheme :  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में ड्राइविंग ट्रेनिंग पॉलिसी शुरू कर दी है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस योजना के तहत करीब 1250 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर और फिटनेस सेंटर खोले जाएंगे। नितिन गडकरी ने 7 जनवरी को एक नई योजना की घोषणा करते हुए कहा कि, सड़क हादसे के पीड़ितों को कैशलेस इलाज मिलेगा। अगर हादसे के बाद पुलिस को 24 घंटे के अंदर सूचित किया जाता है, तो इस योजना के तहत पीड़ित का इलाज 7 दिनों तक मुफ्त में किया जाएगा। वहीं हिट-एंड-रन मामले में मौत होने पर मृतक के परिवार को तत्काल 2 लाख रुपये मिलेंगे।

फ्री में इलाज कराएगी सरकार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की किसी भी सड़क पर अगर किसी का एक्सीडेंट होता है, तो उस व्यक्ति का इलाज कैशलेस तरीके से किया जाएगा। इसका मतलब है कि सरकार उस घायल व्यक्ति के इलाज का खर्च उठाएगी। यह इलाज 7 दिनों तक होगा और सरकार इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, जो भी व्यक्ति रोड एक्सीडेंट में घायल लोगों की मदद करके उनकी जान बचाएगा, उसे 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस इनाम को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। यह योजना इस साल मार्च में शुरू की जाएगी।


18 से 34 साल के लोग सबसे ज्यादा हासदे का शिकार

दिल्ली के भारत मंडपम में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा, "हमने इस कैशलेस योजना को कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। हमने इसमें कुछ कमजोरियां देखी हैं, जिन्हें हम सुधार रहे हैं। यह योजना निश्चित रूप से फायदेमंद होगी।" बता दें कि केंद्रीय मंत्री यहां राज्य परिवहन मंत्रियों के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता सड़क सुरक्षा है। 2024 में सड़क हादसों में 1.8 लाख लोग मारे गए। इनमें से 30,000 लोग हेलमेट न पहनने के कारण मरे। एक और गंभीर मामला यह है कि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 66% मृतक 18-34 साल की उम्र के थे। 10,000 बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में गलत एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी ।"

ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलेगी सरकार

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस योजना के तहत करीब 1250 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर और फिटनेस सेंटर खोले जाएंगे। इस पर करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत 25 लाख नए लोग ड्राइविंग की ट्रेनिंग लेकर लाइसेंस प्राप्त करेंगे और उन्हें रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा, "जिन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस नहीं लिया, उनके कारण करीब 3,000 मौतें हुई हैं। हमारी बैठक का एक अहम मुद्दा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर था। हमारे देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है। हमने इस पर भी नई नीति बनाई है।" नितिन गडकरी ने पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की योजना के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि "स्क्रैपिंग से हमारे ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा बदलाव होगा क्योंकि एल्यूमिनियम, तांबा, स्टील और प्लास्टिक को फिर से इस्तेमाल किया जाएगा।" उन्होंने बताया, "मारुति सुजुकी का स्क्रैपिंग सेंटर जापान को कुछ पार्ट्स एक्सपोर्ट कर रहा है। टायर पाउडर को बिटुमिन में मिलाया जा रहा है। इससे यह एक सर्कुलर इकोनॉमी बनेगी। स्क्रैपिंग नीति से देश में और ज्यादा रोजगार पैदा होंगे। केंद्र और राज्य सरकारों को इससे 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जीएसटी मिलेगा।"

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