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क्रेडिट पॉलिसी से पहले रुपये में बड़ी गिरावट, RBI क्या रुपये को गिरने से बचाएगा?

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट 6 फरवरी को भी जारी रही। शुरुआती कारोबार में यह 14 पैसे गिरकर 87.57 पर आ गया। इससे पहले रुपया कभी डॉलर के मुकाबले इस लेवल पर नहीं आया था। रुपये पर दो बड़ी वजहों से दबाव बढ़ा है। विदेशी फंड लगातार स्टॉक मार्केट्स में बिकवाली कर रहे हैं। उधर, डॉलर इंडेक्स चढ़ रहा है

Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 06, 2025 पर 1:01 PM
क्रेडिट पॉलिसी से पहले रुपये में बड़ी गिरावट, RBI क्या रुपये को गिरने से बचाएगा?
5 फरवरी को भी रुपये में बड़ी गिरावट आई थी। यह 36 पैसे गिरा था।

डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर रिकॉर्ड लो लेवल पर आ गया है। 6 फरवरी को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 87.57 पर आ गया। 5 फरवरी को भी रुपये में बड़ी गिरावट आई थी। यह 36 पैसे गिरा था। आरबीआई 7 फरवरी को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी पेश करेगा। उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में 0.25 फीसदी की कमी करेगा। यह बीते 5 साल में रेपो रेट में पहली कमी होगी।

रुपया क्यों गिर रहा है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टॉक मार्केट (Stock Markets) में विदेशी फंडों (Foreign Funds) की बिकवाली जारी है। इससे रुपये (Rupee) पर दबाव बढ़ रहा है। दूसरा, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिकी सरकार की पॉलिसी बदली है। खासकर ट्रैरिफ को लेकर अमेरिका की पॉलिसी में बदलाव आया है। इसका असर डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) पर पड़ा है। दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर (Dollar) में मजबूती आई है। इसके चलते भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। 6 फरवरी को डॉलर इंडेक्स 0.11 फीसदी चढ़कर 107.69 पर चल रहा था।

क्यों डॉलर खरीद रहे इंपोर्ट्स?

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