मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सांसद मलूक नागर (Malook Nagat) और उनके भाई के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कड़ी कार्रवाई करते हुए, उनकी संपत्ति जब्त (Property Seized) कर ली है। बैंक ने ये कार्रवाई सांसद की तरफ से 53 करोड़ का कर्ज न चुकाने के चलते की है। अब बैंक जब्त की गई प्रॉपर्टी को नीलाम करके अपना कर्ज वसूलेगा। मलूक नागर बिजनौर से सांसद हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने इसे लेकर एक विज्ञापन भी जारी किया। इसमें कहा गया कि नागर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड को बैंक से कर्ज दिया गया था और सांसद मलूक नागर और उनके भाई राजवीर नागर गारंटर थे।
बैंक मुताबिक, साल 2017 में मलूक नागर और उनके भाई को 60 दिनों के भीतर 53 करोड़ 65 लाख रुपए का कर्ज चुकाने के लिए कहा गया, लेकिन नोटिस पर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद ये रकम बढ़ती चली गई।
अब SBI ने 9 दिसंबर को मलूक नागर की हापुड़ जिले के ग्राम शकरपुर में स्थित दूध डेयरी और इसके नजदीक 11 प्लॉट और मेरठ के रक्षापुरम में 4 प्लॉट को जब्त कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि सांसद मलूक नागर डेयरी के इस मामले में बैंक की तरफ से की गई कार्रवाई को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि वह सात साल से डेयरी से नहीं जुड़े हैं और न ही उसके मैनेजमेंट में हैं। BSP सांसद ने आगे कहा कि उनके भाई ने बैंक से ये लोन लिया था, हालांकि वह इसमें गारंटर बने थे।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने अपनी स्टडी रिपोर्ट में बताया था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में मलूक नागर उत्तर प्रदेश के सबसे अमीर प्रत्याशी थे और चुनाव जीतने के बाद वह उस दौरान राज्य के सबसे अमीर सांसद बन गए थे। ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, मलूक ने नामांकन पत्र में अपनी 294 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति बताई थी। हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि उन पर करीब 101 करोड़ रुपए का कर्ज है।