Shraddha Murder Case: अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर (Shraddha Walkar) की हत्या करने और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Ameen Poonawala) को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) मंगलवार को छतरपुर के जंगल में ले गई, जहां उसने कथित रूप से श्रद्धा वालकर के शव के टुकड़े फेंके थे।
रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आफताब ने उन जगहों की पहचान की जहां उसने शरीर के टुकड़े फेंके थे। शरीर के 13 हिस्से मिल गए हैं, लेकिन उनकी फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह पुष्टि की जा सकती है कि वे पीड़ित के हैं या नहीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के तहत आफताब को छतरपुर इलाके के अलावा नई दिल्ली में कुछ दूसरी जगहों पर भी ले जाया जाएगा।
Shraddha Murder Case: मई में एक घाव का इलाज कराने डॉक्टर के पास गया
PTI के मुताबिक, एक डॉक्टर ने बताया कि आफताब मई में एक घाव का इलाज कराने उनके पास आया था। उसी महीने महिला की हत्या की गई थी।
डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पूनावाला जब इलाज के लिए उनके पास आया था, तो बहुत आक्रामक और बेचैन था और उन्होंने उससे चोट के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि फल काटते वक्त उसे चोट लग गई।
कुमार ने कहा, "मई में वह सुबह के समय आया था। मेरे असिस्टेंट ने मुझे बताया कि एक व्यक्ति चोट के साथ आया है। जब मैंने उसे देखा तो वह गहरा घाव नहीं था, बल्कि ऊपरी तौर पर घाव था। जब मैंने उससे पूछा कि चोट कैसे लगी तो उसने बताया कि फल काटते वक्त चोट लगी। मुझे कोई शक नहीं हुआ था, क्योंकि वह चाकू से होने वाला छोटा-सा घाव था।"
उन्होंने कहा कि जब वह इलाज के दौरान पहली बार 28 साल के पूनावाला से मिले, तो वह उन्हें काफी साहसी और आत्मविश्वासी व्यक्ति लगा।
कुमार ने कहा, "दो दिन पहले पुलिस उसे मेरे अस्पताल लेकर आई और पूछा कि क्या मैंने इस व्यक्ति का इलाज किया था। मैंने उसे पहचान लिया और हां कहा। जब वह इलाज के लिए आया तो वह बहुत आक्रामक और बेचैन था। वह मेरी आंखों में आंखें डालकर बात कर रहा था। वह बहुत साहसी और आत्मविश्वासी था। वह अंग्रेजी में बोल रहा था और मुझे बताया कि वह मुंबई से है और आईटी सेक्टर में अच्छे मौके की तलाश के लिए दिल्ली आया है।’’
बता दें कि पूनावाला ने मई में कथित तौर पर वालकर की गला दबाकर हत्या कर दी थी और उसके शव के 35 टुकड़े किए थे, जिसे उसने करीब तीन हफ्ते तक दक्षिणी दिल्ली के महरौली में अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखा था और बाद में कई दिनों में शहर के अलग-अलग जगहों पर इन टुकड़ों को फेंक दिया था।