IND vs AUS: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के सामने एक बार फिर आसानी से घुटने टेक दिए। चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 184 रन से हराया। इस हार के बाद से ही कप्तान रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस पूरी सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा कप्तान एक भी अच्छी पारी खेलने में असफल रहे।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में रोहित शर्मा ने अब तक तीन टेस्ट मैच के पांच पारियां में सिर्फ 31 रन बनाए है। सोशल मीडिया पर अब ऐसी चर्चा शुरू हो गई है कि इस पारी के बाद रोहित शर्मा के टेस्ट करियर का अंत हो चुका है।
कैसा रहा रोहित का प्रदर्शन
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा इस समय टेस्ट क्रिकेट के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि रोहित ने पिछले 14 टेस्ट मैचों में केवल 619 रन बनाए जिसमें उनका औसत 24.76 था। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में अच्छे प्रदर्शन के बाद भी 2024 में उनका टेस्ट औसत 20 ही रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही बॉर्डर गावस्कर सीरीज में उन्होंने अब तक 5 पारियां खेली हैं, जिनमें उनका स्कोर 3, 6, 10, 3 और 9 रहा हैं।
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में रोहित शर्मा ने जसप्रीत बुमराह के 30 विकेट से सिर्फ एक रन अधिक बनाए हैं। इस टेस्ट सीरीज के तीन मैचों की पांच पारियों में रोहित ने कुल 31 रन बनाए हैं, जबकि बुमराह ने पूरे सीरीज में 30 विकेट हासिल किए हैं। 3 जनवरी, 2025 से सिडनी में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का आखिरी टेस्ट मैच खेला जाएगा, ऐसी खबरें आ रही है कि यह मैच कप्तान रोहित शर्मा का आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित की कमजोर कप्तानी
रोहित शर्मा बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी वह उतने प्रभावी नहीं दिखे। पर्थ में भारत ने पहला टेस्ट जीतने में सफलता पाई क्योंकि टीम की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथ में थी। जैसे ही एडिलेड में रोहित ने कप्तानी संभाली टीम को हार का सामना करना पड़ा। ब्रिसबेन में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच बारिश की वजह से ड्रॉ हुआ। वहीं चौथे टेस्ट में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा। कुछ ही महीनों पहले न्यूजीलैंड ने भारत को उसी के घर में टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया था, जिसके बाद से ही रोहित की कप्तानी पर सवाल उठे थे।
चयनकर्ताओं से और समय मांग सकते हैं रोहित
मेलबर्न में मिली हार के बाद यह माना जा रहा है कि भारतीय कप्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में समय खत्म हो चुका है। रोहित ने बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों और चयनकर्ताओं के साथ रिटायरमेंट पर बातचीत के कयास लगाए जा रहे हैं। यह समझा जा रहा है कि रोहित शर्मा ने पहले ही अपना मन बना लिया है। लेकिन वह इसका घोषणा कब और कहां पर करेंगे इसके बारे में कोई नहीं जानता है। साथ ही इसकी भी बहुत कम संभावना है कि भारतीय कप्तान बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के बाद टेस्ट क्रिकेट में जारी रहेंगे।
रोहित शर्मा निश्चित रूप से चयनकर्ताओं को यह मनाने की कोशिश करेंगे कि उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल के लिए मौका दिया जाए, अगर भारत किसी चमत्कारी तरीके से वहां पहुंचता है। हालांकि, अगर ऐसा नहीं होता तो सिडनी उनका आखिरी टेस्ट मैच साबित हो सकता है। कई साल पहले एमएस धोनी ने भी सीरीज के बीच में रिटायरमेंट लिया था और विराट कोहली को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी थी।