सरकार ने रविवार को एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को आगाह किया है कि वह हर संस्थानों के साथ आधार कार्ड (Aadhaar Card) की फोटोकॉपी नहीं शेयर करें। सरकार का कहना है कि सभी जगहों पर आधार की फोटोकॉपी देने से उसका दुरुपयोग हो सकता है। एडवाइजरी में कहा गया है, "इसकी जगह मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar) का इस्तेमाल करें, जिसमें सिर्फ आखिरी का चार नंबर दिखता है।"
सरकार ने बताया कि मास्क्ड आधार को https://myaadhaar.uidai.gov.in वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है।
एडवाइजरी में आगे कहा गया है, "किसी भी आधार नंबर की वैधता को myaadhaar की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है। साथ ही ई-आधार, आधार लेटर या आधार कार्ड पर बने क्यूआर कोड को mAadhaar मोबाइल ऐप के जरिए स्कैन करके ऑफलाइन भी इसे चेक किया जा सकता है।"
सरकार ने कहा, "किसी व्यक्ति की पहचान की जांच के लिए सिर्फ वहीं संस्थान आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिन्होंने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) से इसके लिए लाइसेंस हासिल किया हो। होटल या सिनेमा हॉल जैसी बिना लाइसेंस वाली निजी संस्थाओं को आधार कार्ड की कॉपी इकठ्ठा करने या रखने की अनुमति नहीं है।"
एडवाइजरी में आगे कहा गया है, "अगर कोई निजी संस्था आपका आधार कार्ड देखने की मांग करती है, या आपके आधार कार्ड की फोटोकॉपी मांगती है, तो कृपया पहले यह जांच करें कि उस संस्था को इसके लिए UIDAI से वैध लाइसेंस मिला है या नहीं।
क्या होता है मास्क्ड आधार कार्ड
UIDAI की तरफ जारी किए गए मास्क्ड आधार कार्ड आईडी में आम आधार कार्ड की तरह सभी नंबर दिखाई नहीं देते हैं. इसमें सिर्फ आखिरी के 4 अंक ही दिखाई देते हैं। आधार कार्ड के पहले 8 आधार नंबर मास्क्ड आधार कार्ड आईडी में ‘XXXX-XXXX’ के रूप में लिखे गए होते हैं। इस तरह आधार कार्ड धारक का आधार कार्ड नंबर अजनबियों छिपा होता है. यह किसी भी तरह के आधार का दुरुपयोग होने से रोकता ।