Get App

EXCLUSIVE: PLI ले रही कंपनियों पर सरकार की सख्ती, मांगी स्वदेशी उत्पादन की रिपोर्ट-सूत्र

सीएनबीसी-आवाज के असीम मनचंदा ने सूत्रों के हवाले से कहा कि टेलीकॉम सेक्टर में स्वदेशी उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पीएलआई स्कीम के तहत कंपनियों को 5 से 8 प्रतिशत तक इंसेटिव देती है। लेकिन सरकार को आशंका है कि स्वदेशी कंपनियां कोर प्रोडक्शन में चीनी उपकरणों का उपयोग कर रही हैं। लिहाजा सरकार PLI हासिल कर रही कंपनियों पर सख्ती की तैयारी कर रही है

Aseem Manchandaअपडेटेड Jul 24, 2023 पर 2:56 PM
EXCLUSIVE: PLI ले रही कंपनियों पर सरकार की सख्ती, मांगी स्वदेशी उत्पादन की रिपोर्ट-सूत्र
स्वदेशी कंपनियों ने अब तक 18 हजार करोड़ रुपये का प्रोडक्शन किया है। फिलहाल डिक्सन, ITI, HFCL, तेजस जैसी कंपनियां PLI के तहत उत्पादन कर रही हैं

सरकार पीएलआई स्कीम को लेकर सख्त होती हुई दिखाई दे रही है। टेलीकॉम सेक्टर से जो कंपनियां इसका फायदा उठा रही हैं वे कंपनियां सरकार के रडार पर आ गई हैं। अब सरकार के अंतर्गत आने वाला दूरसंचार विभाग ने PLI स्कीम का फायदा उठा रही कंपनियों की जांच करेगा ये जानकारी हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने कंपनियों से स्वदेशी उत्पादन पर रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने कुल मैन्युफैक्चरिंग में स्वदेशी उत्पादन के परसेंट की रिपोर्ट मांगी है। सरकार को आशंका है कि कंपनियां कोर में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।

सरकार देती है 5 से 8 प्रतिशत तक इंसेटिव

इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए असीम मनचंदा ने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर में स्वदेशी उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार दो साल पहले पीएलआई स्कीम लेकर आई थी। इसके तहत सरकार ऐसी कंपनियों को 5 से 8 प्रतिशत तक इंसेटिव देती है। इसके तहत स्वदेशी कंपनियों ने अब तक 18 हजार करोड़ रुपये का प्रोडक्शन किया है।

लेकिन सरकार को आशंका है कि स्वदेशी कंपनियां कोर प्रोडक्शन में चीनी उपकरणों का उपयोग कर रही हैं। इसलिए सरकार PLI हासिल कर रही कंपनियों पर सख्ती की तैयारी कर रही है। कंपनियां कितना प्रतिशत लोकलाइजेशन कर रही हैं। इस पर सरकार कंपनियों के उत्पादों में स्वदेशी उत्पादन की जांच करेगी। सूत्र बता रहे हैं कि सरकार ने कंपनियों से स्वदेशी उत्पादन की रिपोर्ट मांगी है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें