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SuperBug से हर साल करोड़ों लोगों की हो सकती है मौत, स्टडी में हुआ खुलासा

कोरोना वायरस महामारी का कहर पूरी दुनिया में छाया है। इस बीच सुपरबग से कई देशों में हाहाकार मचा हुआ है। अमेरिका में सुपरबग तेजी से फैल रहा है। जानकारों का कहना है कि साल 2023 में इस सदी में सबसे बुरा हाल हो सकता है। हालात बदतर होने वाले हैं। लोगों की चलते-फिरते मौत हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 03, 2023 पर 10:16 AM
SuperBug से हर साल करोड़ों लोगों की हो सकती है मौत, स्टडी में हुआ खुलासा
अमेरिका को सुपरबग के कारण 5 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है

कोरोना वायरस महामारी ने साल 2020 में दस्तक दी है। लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए है। साल-दर साल लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। साल 2021 आया तो लगा अब चीजें बेहतर होंगी, लेकिन बदतर होती गईं। 2022 से बहुत उम्मीदें थीं, तभी रूस ने यूक्रेन पर चढ़ाई कर दी। इसका असर पूरी दुनिया पर हुआ। अब 2023 आ चुका है। हालात सुधरने की उम्मीद है, लेकिन 2023 इस सदी का सबसे बुरा साल हो सकता है। कोरोना वायरस के इस दौर में इंसानों के बीच तेजी से फैल रहे सुपरबग ने पूरी दुनिया को टेंशन दे दी है।

मेडिकल साइंस के लिए सुपरबग वायरस एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। मेडिकल जर्नल लांसेट में छपी एक स्टडी के मुताबिक, अगर ये सुपरबग इसी रफ्तार से फैलता गया तो इसके कारण हर साल करीब 1 करोड़ लोग काल के गाल में समा सकते हैं।

जानिए क्या है सुपरबग

यह बैक्टीरिया का ही एक रूप है। कुछ बैक्टीरिया हयूमन फ्रैंडली होते हैं तो कुछ इंसान के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। ये सुपरबग इंसान के लिए घातक है। ये बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट का स्ट्रेन है। जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइट्स समय के साथ बदल जाते हैं। तब ऐसी स्थिति में उन पर दवा भी काम करना बंद कर देती है। इससे उनमें एक एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस पैदा होता है। कुल मिलाकर कहने का मतलब ये हुआ कि मरीज के शरीर में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट के सामने दवा भी काम करना बंद कर देती है। मौजूदा समय में इस सुपरबग के चलते दुनिया भर में हर साल 13 लाख लोगों की जान जा रही है।

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