हैदराबाद के संध्या थिएटर में अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर के दौरान पिछले साल एक दुखद हादसा हो गया था। 'पुष्पा 2: द रूल' का प्रीमियर के दौरान अल्लू अर्जुन को देखने के लिए भीड़ बेकाबू हो गई थी। संध्या थिएटर के इस भगदड़ जैसी स्थिति में एक महिला की मौत हो गई थी और उसका नाबालिग बेटा घायल हो गया था। इस हादसे के बाद दर्शकों, खासकर देर रात के शो देखने वाले नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं थी। घटना के बाद अब तेलंगाना हाई कोर्ट ने फिल्म रिलीज के दौरान क्राउड मैनेजमेंट के मुद्दे और बच्चों को देर रात की स्क्रीनिंग को लेकर एक बड़ा निर्देश दिया है।
तेलंगाना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि जब तक सरकार इस मामले में कोई फैसला नहीं ले लेती, तब तक 16 साल से कम उम्र के बच्चों को रात 11 बजे के बाद थिएटरों में फिल्में देखने की अनुमति न दी जाए। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि, 16 साल से कम उम्र के बच्चों को थिएटर और मल्टीप्लेक्स में रात 11 बजे के बाद लेट नाइट मूवी शो देखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने ये फैसला 'गेम चेंजर' फिल्म के टिकट कीमतों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। कोर्ट का मानना है कि देर रात फिल्म देखने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बच्चों के सुबह 11 बजे से पहले और रात 11 बजे के बाद थिएटर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। यह निर्णय अदालत द्वारा 'पुष्पा 2' और 'गेम चेंजर' के शो से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया, जिनमें से दोनों को शो टाइम और बढ़ी हुई टिकट कीमतों को लेकर कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने फैसला सुनाया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सुबह 11 बजे से पहले या रात 11 बजे के बाद स्क्रीनिंग में जाने की अनुमति नहीं होगी। कोर्ट ने अधिकारियों को इस नए आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ में ये भी कहा कि, अगर कोई इन निर्देशों का नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आदेश ना मामने पर थिएटर लाइसेंस को कैंसिल भी किया जा सकता है।