Amazing-Marriage: इस शादी में बुआ की जगह JCB मशीन ने निभाई रस्म, अब पूरे इलाके में हो रही है चर्चा

Amazing-marriage: हिंदू धर्म में विवाह के लिए कई परंपराओं के दौर से गुजरना होता है। शादी के 2-3 दिन पहले ही रस्में शुरू हो जाती है। वहीं बहुत से लोग इन रस्मों को आधुनिक रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे ही बिहार के पश्चिम चंपारण में मटकौर की प्रथा निभाने के लिए बुवा की जगह JCB मशीन को बुलाया गया

अपडेटेड Apr 23, 2024 पर 3:47 PM
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Amazing-marriage: बिहार की शादियों में मटकोर की परंपरा है। जिसका मतलब कुदाल से मिट्टी निकालना होता है।

Amazing Marriage: विवाह दो लोगों के बीच जीवन भर का बंधन है। विवाह दो लोगों को एक करने की परंपरा है। वहीं, दूसरे शब्दों में विवाह को समझा जाए तो दो लोगों के बीच के रिश्ते को सामाजिक और धार्मिक मान्यता देना है। लेकिन विवाह करने से पहले हिंदू धर्म में कई रस्मों और परंपराओं के दौर से गुजरना होता है। ये रस्में शादी के कुछ दिन पहले से शुरू हो जाती है। वहीं अब आजकल इन रस्मों को आधुनिक रूप दिया जाने लगा है। बिहार के पश्चिमी चंपारण में कुछ ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया। जहां बुवा की रस्म निभाने के लिए JCB मशीन को बुलाया गया। इसके बाद तो नजारा देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

दरअसल, बिहार की शादियों में मटकोर की परंपरा है। जिसका मतलब कुदाल से मिट्टी निकालना होता है। इस रस्म को दूल्हे की बुवा निभाती हैं। हालांकि वहां दूल्हे के साथ दर्जनों महिलाएं मौजूद थी। लेकिन मिट्टी कोड़ने के इस रिवाज को एक मशीन के जरिए पूरा किया गया।

बुवा की जगह JCB मशीन की क्यों पड़ी जरूरत


पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के गुरचुरवा वार्ड नं-9 में एक परिवार ने कथा-मटकोर की रस्म को बुवा से नहीं कराया गया। इसकी जगह JCB मशीन से गड्ढ़ा खोदा गया। दूल्हे के पिता पिता महावीर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि बेटा आशीष अपनी शादी को यादगार बनाने लिए जेसीबी का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि जेसीबी से मिट्टी खोदने का मतलब बहन और बुआ के अधिकार छीनना है, लेकिन उनके बेटे अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए ऐसा किया है। ग्रामीणों ने बताया कि हिन्दू रीति रिवाज में शादी के एक दिन पहले कथा मटकोर की रस्म अदा की जाती है। मटकोर के दिन बुआ माटी कुदाल से खोदकर इस रस्म को अदा करती है, लेकिन यहां ऐसा हुआ जो देखकर पूरे गांव के लोग हैरान हैं।

वहीं दूल्हा आलोक कुमार का कहना है कि कुदाल से मिट्टी खोदने की प्रथा पुरानी हो गई है। इसलिए हम नई प्रथा लाए हैं, जो कभी नहीं हुआ हो। वहीं, इस दौरान काफी संख्या में भीड़ भी लगी थी। आलोक की शादी 21 अप्रैल को गई है।

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