Amebiasis Infection: भीषण गर्मी के बाद अब देश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। तपती गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि बारिश के मौसम में कई तरह की बीमारियां फैलने लगती है। इन बीमारियों में एक अमीबियासिस (Amebiasis) भी है। अगर आपको भी बारिश के मौसम में चक्कर आना, बुखार या कमजोरी महसूस हो रही है, तो ये अमीबियासिस के लक्षण हो सकते हैं। बारिश के मौसम में छोटे से लेकर बड़ों तक इस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा बारिश के मौसम में बीमारियों से बचाव करना बेहद जरूरी है।
अमिबियासिस आंतों में होने वाला एक परजीवी संक्रमण है जो एंटअमीबा हिस्टॉलिटिका नामक प्रोटोजोआ के कारण होता है। इस बीमारी को अमीबिक डिसेंट्री के नाम से भी जाना जाता है। इससे आंतों को नुकसान पहुंचता है। जहां स्वच्छ पानी की सुविधा नहीं है। वहां यह बीमारी जल्दी फैलती है।
इस बीमारी से पीड़ित होने पर पेट में ऐठन, दर्द, जी मिचलाना, शरीर का वजन कम होना और दस्त पड़ने लगती है। परजीवी जीवाणु से होने वाला अमीबियासिस प्रमुख रूप से वॉटर बॉर्न डिजीज है। ये संक्रमित पानी पीने और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से होता है। ये उन जगहों पर ज्यादा होना है जहां पर ठीक से साफ सफाई ना हो। ये परजीवी शरीर में बड़ी आंत को अपना घर बना लेते हैं। फिर शरीर के कई सिस्टम पर असर पड़ने लगता है। अमीबियासिस से पीड़ित व्यक्ति के पेट में सिस्ट बनने के 1 से 4 हफ्ते बाद इस बीमारी के लक्षण नजर आने लगते हैं। हालांकि सिर्फ 10 से 20 फीसदी लोग ही अमीबियासिस के कारण बीमार होते हैं।
अमीबियासिस एक तरह का संक्रमण है। ऐसे संक्रमण के मुताबिक ही इसका इलाज किया जाता है। इस इंफेक्शन का इलाज करने के लिए आमतौर पर मेट्रोनिडाजोल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ-साथ कुछ तरह एंटीबायोटिक दवाएं भी दी जा सकती हैं।
बरसात के मौसम में पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने से बचें। हमेशा हाथ धोकर ही भोजन करना चाहिए। बच्चों का डायपर बदलने के बाद गर्म पानी से हाथ धोएं। बाहर से आए फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए। मार्केट में मिलने वाले आइस क्यूब का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसके अलावा बाहर का खाना या स्ट्रीट फूड खाने से भी बचाव करना चाहिए।