Vedanta के फाउंडर अनिल अग्रवाल अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी कहानियां शेयर करते रहते हैं जो युवाओं को प्रेरित करती हैं। वे अपने संघर्ष के दिनों के बारे में भी सोशल मीडिया यूजर्स को बताते रहते हैं। यूजर्स उनके पोस्ट को बड़े गौर से पढ़ते हैं। उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। हाल में अग्रवाल ने एक यंग पायलट के बारे में पोस्ट शेयर किए हैं। इस यंग पायलट का नाम नेहा कपूर है।
अग्रवाल ने बताया है कि एक ट्रैवल के दौरान जब वह फ्लाइट के अंदर पहुंचे तो उसकी कैप्टन उनके पास आईं। उन्होंने अपना परिचय दिया। उन्होंने अपना नाम नेहा कपूर बताया। उन्होंने कहा कि वह Cairn Vedanta में काम कर चुकी है। वेदांता ने 2011 में केयर्न का अधिग्रण कर लिया था। कपूर की स्टोरी और करियर ग्राफ ने अग्रवाल को बहुत प्रभावित किया।
वेदांता के बॉस ने कहा, "इससे मुझे बहुत खुशी हुई कि जो लोग हमारे साथ काम कर चुके हैं, अपने करियर में सफल हो रहे है।" उन्होंने इसके बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया। कपूर के साथ पोस्ट की गई पिक्चर में उन्होंने कहा कि कैप्टन कपूर जैसी पायलट्स हर यंग गर्ल के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने लिखा, "अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने साबित किया है कि आप जितनी चाहो उतनी ऊंचाई तक उड़ सकती हो।"
अग्रवाल ने इंडिया में पायलट में लड़कियों की बढ़ती दिलचस्पी का भी जिक्र किया। दरअसल, इंडिया में दुनिया के किसी दूसरे देश के मुकाबले कुल पायलट में महिलाओं की हिस्सेदारी ज्यादा है। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ वुमेन एयरलाइन पायलट्स के डेटा से इस बात की पुष्टि होती है।
इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ वुमेन एयरलाइन पायलट्स के मुताबिक, इंडिया में कुल पायलट्स में 12.4 फीसदी महिलाएं हैं। अमेरिका में यह 5.5 फीसदी है, जबकि इंग्लैंड में 4.7 फीसदी है। अग्रवाल ने कहा कि इस आकंड़े का उन्हें गर्व है।
वेदांता के बॉस ने हर युवा लड़की को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इन लड़कियों के माता-पिता को भी नसीहत देते हुए कहा, "उन्हें यह समझने दीजिए कि वे जो कुछ बनना चाहती हैं, बन सकती हैं, क्योंकि स्काई इज द लिमिट।" उन्होंने लिखा, "मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके हौसले में जान होती है।"
अग्रवाल देश के बड़े उद्योगपतियों में शामिल हैं। उनका नेटवर्थ 3 अरब डॉलर है। उन्होंने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में अपनी जगह खुद बनाई है। उनका संबंध बहुत साधारण परिवार से रहा है। वह कुछ हासिल करने के मकसद से खाली हाथ मुंबई पहुंचे थे। फिर, अपनी मेहनत, समझ, कौशल की बदौलत बड़ी सफलता हासिल की। उनकी कहानी देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित करती है।