आजकल हर किसी का शरीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है। आज कल बहुत से लोगों को एक साथ कई बीमारियां घेर लेती हैं। आपके आसपास भी कोई ऐसे लोग होंगे। जिन्हें एक साथ कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हार्ट, बीपी जैसी तमाम बीमारियों से घिरे होंगे। हालांकि, राहत की बात यह है कि दवाओं और घरेलू उपचार के जरिए इन्हें कंट्रोल में रखा जा सकता है। ऐसे ही अर्जुन की छाल से एक नई बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं। इसमें कोलेस्ट्रॉल, बीपी, हाइपरटेंशन, हार्ट, ब्रेस्ट कैंसर, मोटापा जैसी तमाम बीमारियों के लिए फायदेमंद है।
आज कल ज्यादातर लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता जा रहा है जो हार्ट के लिए घातक हो सकता है। अर्जुन की छाल में हाइपोलिपिडेमिक पाया जाता है। जिससे शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। अर्जुन की छाल के सेवन से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता जाता है। ये बॉडी के एक्सट्रा फैट को कम कर हाइपरटेंशन को भी कंट्रोल करता है।
अर्जुन की छाल 100 ग्राम ले कर 500 मिली पानी में गर्म करें। जब पानी 200 मिली रह जाए तो इसे ठंडा कर लें। रोजाना सुबह शाम 10-10 मिली लें। इस से खून में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जायेगा। खून के धक्के साफ हो जायेंगे। ब्लड प्रेशर सही हो जायेगा और ANGIOPLASTY की नौबत नहीं आएगी। अर्जुन के सेवन से अलसर में भी फायदा होता है। नियमित अर्जुन की छाल का इस्तेमाल करने से हार्ट संबंधित सभी गंभीर समस्याएं खत्म हो सकती हैं। इतना ही नहीं बीपी के मरीज दिन में किसी भी समय खाना खाने से एक घंटा पहले या बाद अर्जुन की छाल का पानी या उससे बने काढ़े का सेवन कर सकते हैं। इससे काफी फायदा होगा।
एलर्जी के लिए अर्जुन की छाल
जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है। उनके लिए भी अर्जुन की छाल का इस्तेमाल काफी फायदेमंद हो सकता है। अगर आपकी स्किन के किसी हिस्से में खुजली, जलन या लालिमा जैसे एलर्जी के लक्षण दिख रहे हैं तो अर्जुन की छाल को पीसकर और उसका लेप बनाकर लगा सकते हैं।
अर्जुन की छाल के बनाए हुए काढ़े को और असरदार करने के लिए दालचीनी मिला सकते हैं। अगर आपको अर्जुन के पेड़ न मिले तो अर्जुन छाल आपको आयुर्वेदिक दुकानों में मिल सकती है।