Ashneer Grover: 'मेरे दादा-दादी पाकिस्तान से आए थे, शरणार्थी कॉलोनी में रहते थे'

बिजनेस रियल्टी शो शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के पूर्व जज और भारतपे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित टाइम्स लिटफेस्ट के दौरान अपने शुरुआती जीवन और बचपन की यादों को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया शरणार्थी कालोनी में बिताए अपने बचपन को लेकर भी बातें की

अपडेटेड Feb 16, 2023 पर 5:09 PM
अशनीर ग्रोवर ने बताया था कि उनके दादा-दादी को मालवीय नगर में 200 गज जमीन आवंटित हुआ था

बिजनेस रियल्टी शो शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के पूर्व जज और भारतपे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित टाइम्स लिटफेस्ट के दौरान अपने शुरुआती जीवन और बचपन की यादों को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया शरणार्थी कालोनी में बिताए अपने बचपन को लेकर भी बातें की। अशनीर ने बताया, "मालवीय नगर एक शरणार्थी कालोनी है। मेरे दादा-दादी जब पाकिस्तान से आए थे, तो उन्हें वहां 200 गज जमीन आवंटित हुआ था। आगे चलकर जमीन का उनके बेटों में बंटवारा हुआ।"

उन्होंने बताया, "हम सबने एक दूसरे के छत के ऊपर अपने घर बनाने शुरू कर दिए। इस तरह हम सब एक ही घर में एकसाथ रहते थे, लेकिन हमारा किचन अलग-अलग था।"

अशनीर ग्रोवर ने कहा कि उनके पास इस जगह की अच्छी यादें हैं, भले ही वहां हर किसी को अपने जीवन-यापन के लिए संघर्ष करना पड़ता था।


अशनीर ने बताया, "उस समय, एक कॉलोनी का कॉन्सेप्ट था। हम गली में हर किसी को जानते थे और यह एक करीबी सेट-अप था। हमें अपने लिए कमाना था और आगे बढ़ना था क्योंकि हमारे पास कोई नहीं था।"

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"उस समय, एक कॉलोनी का कॉन्सेप्ट था। हम गली में हर किसी को जानते थे और यह एक करीबी सेट-अप था। हमें अपने लिए कमाना था और आगे बढ़ना था क्योंकि हमारे पास कोई नहीं था, "टाइम्स ऑफ इंडिया ने उनके हवाले से बताया, "मेरे पास मालवीय नगर की बहुत अच्छी यादें हैं, हमने वहां लगभग 3-4 घरों को बदला और अब कुछ साल पहले ही मैं वहां से बाहर निकलकर रहने लगा हूं।"

मालवीय नगर से निकलने के बाद ग्रोवर काम के सिलसिले में मुंबई चले गए जहां वह अपनी पत्नी माधुरी जैन के साथ रहते थे। हालांकि एक गर्भपात के मामले के बाद दंपति वापस अपनी जड़ों के साथ फिर से जुड़ने के लिए दिल्ली आ गए।

उन्होंने कहा, "जब मैं कोटक में काम कर रहा था, तब सिर्फ माधुरी और मैं ही थे। इसलिए हम सैलरी एडजस्टेड कर लेते थे। जब मेरे माता-पिता वहां आते थे, तो वे एक या दो दिन में चले जाते थे और मुझे ताना देते थे कि मेरा घर काफी छोटा है।"

उन्होंने कहा, "दो सालों में, हमें भी परिवार की याद आने लगी और अगर आपकी जड़ें मुंबई से नहीं हैं, तो वहां लंबे समय तक रहना वास्तव में मुश्किल है। फिर, माधुरी का गर्भपात हो गया और वह वापस दिल्ली चली गईं। मैं अपने ऑफिस गया और उन्हें इसके बारे में बताया और उन्होंने मुझे भी वापस जाने दिया। उसके बाद, मैं कभी वापस मुंबई नहीं गया।"

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