Assam Flood: असम में अब तक 126 लोगों की मौत, 22 लाख लोग प्रभावित, सीएम सरमा ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों का किया दौरा

बुलेटिन के अनुसार, बालाजी, बक्सा, बारपेटा, कछार, चिरांग, दर्रांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रुगढ़, गोलपाड़ा, गोलाघाट, हैलाकांडी, नलबाड़ी, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा, तमुलपुर और उदलगुड़ी जिलों में बाढ़ के कारण 22,21,500 से अधिक लोग प्रभावित हैं

अपडेटेड Jun 27, 2022 पर 11:47 AM
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असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलनों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 126 हो गई है

Assam Floods: असम में बाढ़ से 5 और लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलनों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 126 हो गई है। इसके अलावा राज्य में बाढ़ 25 जिलों में 22 लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं। हालांकि, रविवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है।

असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, रविवार को बारपेटा, कछार, दर्रांग, करीमगंज और मोरीगांव जिलों के विभिन्न स्थानों पर 4 बच्चों समेत पांच लोग डूब गए। इसके अलावा दो जिलों में दो लोग लापता हैं।

किस जिले में कितने लोग प्रभावित?


बुलेटिन के अनुसार, बालाजी, बक्सा, बारपेटा, कछार, चिरांग, दर्रांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रुगढ़, गोलपाड़ा, गोलाघाट, हैलाकांडी, नलबाड़ी, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा, तमुलपुर और उदलगुड़ी जिलों में बाढ़ के कारण 22,21,500 से अधिक लोग प्रभावित हैं।

बारपेटा में सबसे ज्यादा करीब 4 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद नगांव में 5.13 लाख और कछार में 2.77 लाख लोग प्रभावित हैं। कछार, डिब्रूगढ़ और मोरीगांव जिलों में कई स्थान भी बाढ़ से प्रभावित हैं। शनिवार तक 24 जिलों में 25 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों को किया दौरा

राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित कछार जिले के सिलचर और कामरूप के हाजो का दौरा किया। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियानों में लगी एजेंसियों को अपनी पहुंच बढ़ाने और जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। सिलचर शहर के एक सप्ताह से जलमग्न रहने के कारण सरमा ने माना कि प्रशासन अभी तक सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि हम इससे इनकार नहीं कर रहे हैं।

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उन्होंने लोगों से इस मुश्किल वक्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की अपील की और सिलचर में परोपकारी गतिविधियों की सराहना की। सरमा ने कहा कि प्रशासन का करीब 50 फीसदी काम परोपकारी संगठन और लोग कर रहे हैं। ASDMA ने कहा कि अभी 2,542 गांव जलमग्न हैं और 74,706.77 एकड़ कृषि योग्य जमीन को नुकसान पहुंचा है। उसने कहा कि प्राधिकार 23 जिलों में 680 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहा हैं, जहां 2,17,413 लोगों ने शरण ले रखी है।

1,912 लोगों को बचाया गया

बुलेटिन में कहा गया है कि सेना, अर्द्धसैन्य बल, एनडीआरएफ, नागरिक प्रशासन, प्रशिक्षित स्वयंसेवक, दमकल और आपात सेवा के कर्मियों और स्थानीय लोगों ने पिछले 24 घंटे में राज्य के विभिन्न बाढ़ग्रस्त इलाकों से 1,912 लोगों को बचाया है। केंद्रीय जल आयोग के एक बुलेटिन का हवाला देते हुए ASDMA ने कहा कि धरमतुल में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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