Atul Subhash Case: अतुल की पत्नी के घर पर बेंगलुरु पुलिस ने चिपकाया नोटिस, तीन दिन में होना होगा पेश

इस बीच पहले ये खबर आई थी कि कर्नाटक पुलिस ने अतुल की सास निशा सिंघानिया और पत्नी के भाई अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस ने बाद में इसका खंडन कर दिया। इन दोनों पर अतुल ने उत्पीड़न, यातना, झूठे आपराधिक मामले और जबरन वसूली का आरोप लगाया है। अतुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के परिवार ने समझौते के तौर पर 3 करोड़ रुपए की मांग की थी

अपडेटेड Dec 13, 2024 पर 8:27 PM
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Atul Subhash Case: अतुल की पत्नी के घर पर बेंगलुरु पुलिस ने चिपकाया नोटिस, तीन दिन में होना होगा पेश

ससुराल वालों की तरफ से मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के बाद बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या पर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच बेंगलुरु पुलिस ने UP के जौनपुर में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया के घर के बाहर एक नोटिस चिपकाया है। निकिता कथित तौर पर FIR दर्ज होने के बाद से फरार हैं। बेंगलुरु पुलिस के नोटिस में कहा गया, “तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आपसे पूछताछ करने के उचित आधार हैं। आपको तीन दिनों के भीतर बेंगलुरु में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया जाता है।"

इस बीच पहले ये खबर आई थी कि कर्नाटक पुलिस ने अतुल की सास निशा सिंघानिया और पत्नी के भाई अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस ने बाद में इसका खंडन कर दिया। इन दोनों पर अतुल ने उत्पीड़न, यातना, झूठे आपराधिक मामले और जबरन वसूली का आरोप लगाया है। अतुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के परिवार ने समझौते के तौर पर 3 करोड़ रुपए की मांग की थी।

अतुल सुभाष की आत्महत्या के सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर पुरुषों के अधिकार और कानूनी प्रिक्रिया के दुरुपयोग को लेकर बहस छेड़ दी है। जान देने से पहले अतुल ने 90 मिनट का एक वीडियो बनाया और 24 पेज का नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर कथित तौर पर उत्पीड़न के बड़े ही संगीन आरोप लगाए।


अतुल की आत्महत्या के बाद उनके भाई ने निकिता के परिवार के खिलाफ मराठाहल्ली पुलिस में मुकादमा दर्ज कराया, जिसे पुलिस में बाद में FIR में तब्दील कर दिया था।

अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई: बेंगलुरु पुलिस

निकिता सिंघानिया ने अपनी जवाबी पुलिस शिकायत में अपने पति अतुल और उसके परिवार पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।

उनकी शिकायत में कहा गया, “मेरे पति ने शराब पीकर मेरे साथ मारपीट करना शुरू कर दिया और मेरे साथ जानवरों जैसा व्यवहार करना शुरू कर दिया। वह मुझे धमकी देकर मेरी पूरी सैलरी मेरे अकाउंट से अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेता था।''

हालांकि, उनका परिवार कथित तौर पर जौनपुर में अपने घर पर ताला लगा कर फरार हो गया। पहले यह बताया गया था कि कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को निशा और अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि निकिता सिंघानिया की तलाश की जा रही है, जो कथित तौर पर फरार हैं।

हालांकि, बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बाद में साफ किया कि अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मीडिया से बात करते हुए, पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस विभाग की विशेष टीमों ने आरोपी व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, “मामले की जांच एक पुलिस इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी द्वारा की जा रही है। व्यापक जांच शुरू कर दी गई है, क्योंकि इस मामले की सोशल मीडिया और समाज में व्यापक चर्चा हो रही है।"

क्या पुलिस के डर से भागे ससुराल वाले?

इससे पहले, न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि निशा और अनुराग ने भागने की कोशिश की जब उन्हें पता चला कि कर्नाटक पुलिस उन्हें हिरासत में लेने जा रही है। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई और उन्हें आसपास से गिरफ्तार कर लिया।

अतुल के लंबे सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाले दावे किए गए, जिसमें कहा गया कि उनकी पत्नी ने उन पर झूठे आपराधिक मुकादमें दर्ज किए और समझौते के लिए 3 करोड़ रुपए की मांग की और उसके परिवार ने उसके परिवार को कई धमकियां दीं, जिस वजह से उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बेटे के नाम पर भी संदेश

उन्होंने अपने चार साल के बेटे के लिए भी एक नोट लिखा, जिसे उन्होंने तीन साल से नहीं देखा था।

अतुल ने अपने सुसाइट नोट का टाइटल दिया- Justice is Due, यानि न्याय अभी बाकी है। इसमें उन्होंने अपने 2 साल के बच्चे को संबोधित करते हुए लिखा, "अब मेरे जाने के बाद, लूटने के लिए कोई पैसा नहीं होगा और मुझे उम्मीद है कि वे तथ्यों पर गौर करना शुरू कर देंगे। किसी दिन, तुम्हें अपनी मां और उसके लालची परिवार का असली चेहरा पता चलेगा।"

उनके परिवार ने बुधवार को बेंगलुरु श्मशान से उनकी अस्थियां इकट्ठा कीं, जहां अतुल का अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार ने कहा कि अस्थियों को पटना ले जाया जाएगा। क्योंकि उनका परिवार मूल रूप से पटना का ही रहना वाला है और वहां अतुल की अस्थियों को परंपराओं के अनुसार नदी में विसर्जित किया जाएगा।

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