अतुल-सुभाष की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया में छाया हुआ है। हर जगह से अतुल के लिए न्याय की गुहार लगाई जा रही है। अतुल ने आत्महत्या से पहले वीडियो बनाया था। जिसमें ससुराल वालों और न्यायपालिका पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने अतुल की सास और साले के खिलाफ दर्ज कर ली है। ऐसे में गिरफ्तारी के डर से अतुल की सास निशा संघानिया और साले अनुराग सिंघानिया घर में ताला लगाकर भाग गए हैं। आधी रात को दोनों लोग अंधेरे में घर से निकले हैं। इस दौरान पूछे जाने पर भी निशा सिंघानिया ने कैमरे पर कुछ नहीं बोला। बस वो बाइक पर बैठ कर निकल गईं। हालांकि, कैमरे को देखते ही निशा संघानिया हाथ जोड़ रहीं थी।
बता दें कि अतुल सुभाष आत्मत्या केस में बीते 9 दिसंबर को उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साला अनुराग पर भी एफआईआर दर्ज हुई है। बुधवार को पूरा दिन मीडिया की टीम निकिता के घर के बाहर मौजूद रही। सारे प्रयास के बाद भी निकिता के परिवार ने कोई भी बातचीत नहीं की। देर रात लगभग साढ़े 11 बजे मौका देख निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया घर में ताला लगाकर भाग गए।
जौनपुर शहर कोतवाली से 100 मीटर की दूरी पर है घर
अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया की मां और भाई जौनपुर शहर कोतवाली से महज 100 कदम की दूरी पर खोवामंडी में अपने घर पर रहते हैं। यहीं उनकी कपड़ों की दुकान भी है। जब उन्हें पता चला कि बेंगलुरु पुलिस की टीम जौनपुर पहुंच गई है तो उन्होंने घर से भागना ही बेहतर समझा। इससे पहले निकिता की मां ने अपनी बेटी और परिवार पर लगाए गए उत्पीड़न के सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ये सभी आरोप निराधार है। मैं सारे सबूत दुनिया के सामने रखूंगी। तुल सुभाष ने अपना फ्रस्ट्रेशन हम पर निकाला है। मेरी बेटी कभी किसी को आत्महत्या के लिए नहीं बोल सकती है। बता दें कि अतुल सुभाष बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे।
फ्लैट में मिला था AI इंजीनियर का शव
मूल रूप से बिहार के रहने वाले अतुल सुभाष का शव बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट में उनके फ्लैट से बरामद हुआ। पड़ोसियों ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा तो बॉडी फंदे पर लटकी मिली। कमरे में ‘जस्टिस इज ड्यू’ (न्याय बाकी है) लिखी एक तख्ती मिली। अतुल के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उनकी पत्नी और ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।