Atul Suicide Case: सिर्फ एक गलती और निकिता के साथ धरा गया पूरा परिवार, जानें बेंगलुरु पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार

गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए, निकिता ने अपने पति की आत्महत्या के मामले में जमानत लेने की भी कोशिश की। अतुल ने पिछले हफ्ते अपनी पत्नी और उसके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट और एक घंटे से ज्यादा लंबा वीडियो भी बनाया, जिसमें उन्होंने हर घटना के बारे में विस्तार से बताया

अपडेटेड Dec 16, 2024 पर 6:08 PM
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Atul Suicide Case: सिर्फ एक गलती... और निकिता के साथ धरा गया पूरा परिवार, जानें बेंगलुरु पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार

अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी निकिता, उसकी मां और भाई अब गिरफ्तार हो गए हैं। हालांकि, निकिता ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन सब बेकार रहा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपी निकिता सिंघानिया कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के लिए रोजाना अपनी लोकेशन बदलती थी और जमानत की मांग कर रही थी। तीनों आरोपियों - निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा सिंघानिया और उनके भाई अनुराग सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

निकिता को बेंगलुरु पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उसकी मां निशा और भाई अनुराग को प्रयागराज से पकड़ा गया था। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पुलिस सर्विलांस रडार से बचने के लिए निकिता केवल WhatsApp कॉल करती थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए हर दिन अपनी लोकेशन भी बदली।

गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए, निकिता ने अपने पति की आत्महत्या के मामले में जमानत लेने की भी कोशिश की। अतुल ने पिछले हफ्ते अपनी पत्नी और उसके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट और एक घंटे से ज्यादा लंबा वीडियो भी बनाया, जिसमें उन्होंने हर घटना के बारे में विस्तार से बताया।


कैसे पकड़ी गई निकिता सिंघानिया?

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कर्नाटक पुलिस के आने की खबर मिलने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में अपने घरों में ताला लगा दिया था। इसके बाद पुलिस ने घरों की दीवारों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तीन दिन के भीतर पेश होने को कहा।

पुलिस की स्पेशल टीम ने उन सभी करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों की लिस्ट तैयार की, जिन्हें लेकर ये शक था कि निकिता या उनके घर वालें उनके कॉन्टैक्ट में हो सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि उन पर लगातार निगरानी रखी गई, क्योंकि आरोपी केवल WhatsApp कॉल ही करते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो गया।

निकिता ने की एक गलती

हालांकि, निकिता ने एक गलती की - उसने अपने एक करीबी रिश्तेदार को फोन किया। कॉल होते ही पुलिस अलर्ट हो गई और टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस गुरुग्राम पहुंची। पुलिस को पता चला कि निकिता रेल विहार इलाके में एक PG में छिपी हुई थी, जहां से उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस ने निकिता से पूछताछ की और उससे उसकी मां और भाई का फोन लगवाया। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक की और उन्हें भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के झूंसी से पकड़ लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी बेंगलुरु की फ्लाइट के दौरान भी सतर्क रहे और निकिता की पहचान दूसरे यात्रियों से छिपा रखी। अतुल सुभाष की मौत पर व्यापक आक्रोश को देखते हुए पुलिस किसी भी पब्लिक इन्वॉल्वमेंट से बचना चाहती थी। बेंगलुरु पहुंचने के बाद, निकिता, निशा और अनुराग को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले मेडिकल जांच कराई गई और दो हफ्ते के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की

बेंगलुरु ले जाने के दौरान पुलिस ने उनसे नौ घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने अतुल और रितिका के दो साल के लड़के को उसके एक रिश्तेदार की सेफ कस्टडी में रखा। अतुल के परिवार ने बच्चे को उन्हें सौंपने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परिवार में उसकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

अगर जांच की जरूरत हुई, तो पुलिस बॉडी वारंट पर आरोपी की हिरासत की मांग कर सकती है। निकिता और उसका परिवार कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।

यह गिरफ्तारी सुभाष के भाई बिकास कुमार की ओर से दायर शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें परिवार पर 34 साल के इंजीनियर अतुल को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। कुमार का दावा है कि उनके भाई को निकिता और उसके परिवार की ओर से उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। उनसे तलाक के लिए 3 करोड़ रुपए की मांग भी की गई थी।

प्रारंभिक जांच से ये भी पता चला है कि अतुल ने कम से कम 15 दिन पहले ही अपने सुसाइड की प्लानिंग की थी। कानूनी मामलों से जुड़े मुद्दों के जानने के लिए ऑनलाइन सर्च किया और अपनी मौत से तीन दिन पहले अपने डेथ नोट का फॉर्मेट तैयार किया था।

वहीं निकिता ने अपने बचाव में, सुभाष के किसी भी उत्पीड़न से इनकार किया है और दावा किया है कि वह तीन साल से उससे अलग रह रही थी। इस बीच, सुभाष के भाई कुमार ने अतुल और निकिता के बच्चे की कस्टडी हासिल करने की इच्छा जताई है।

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