17 दिनों तक टनल के अंदर अंधकार के बीच फंसे 41 लोगों ने कल फिर से दुनिया में कदम रखा। उत्तराखंड की सिल्क्यारा टनल से सबको बाहर निकाला गया। लंबे इंतजार के बाद श्रमिकों के परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटी है। 12 नवंबर को सभी श्रमिक टनल का एक हिस्सा धंस जाने के बाद वहीं फंसकर रह गए थे। तब से लेकर अब तक हर भारतीय पल-पल की खबर पर नजर बनाए हुए था।
इंटरनेट पर हर जगह #UttarakhandTunnelRescue ट्रेंड कर रहा है। भगवान को धन्यवाद देने के अलावा कई सोशल मीडिया यूजर्स इंटरनेशनल टनल एक्सपर्ट को भी थैंक्यू कह रहे हैं। ऑस्ट्रेलियन प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी अहम रोल अदा किया। ग्राउंड पर रहकर 24/7 अपने टेक्निकल सपोर्ट से 41 श्रमिकों को बाहर लाने में अर्नोल्ड सफल रहे।
लोगों के साथ मिलकर किया ऑपरेशन
एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा - उसका देश नहीं था, ना उसके लोग थे और ना ही ये उसका काम था फिर भी ऑस्ट्रेलियाई अर्नोल्ड डिक्स इंटरनेशनल टनलिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भारत पहुंचे। अपने उम्र से जुड़ी परेशानियों को दरकिनार करते हुए 24/7 काम किया। वहां फंसे सभी मजदूरों को उन्होंने अपने बेटों की तरह ही समझा। उनसे बात करते रहे और उनका हौंसला बढ़ाते रहे। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उनके लिए प्रार्थना की। हीरोज हमेशा से ही अलग मिट्टी से बने होते हैं। दूसरे यूजर ने लिखा कि विश्वास से चट्टानें भी हट जाती हैं, अर्नोल्ड डिक्स का धन्यवाद।
परिवार को लौटाए उनके बेटे
भारत में ऑस्ट्रेलियाई हाइ कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने भी भारतीय प्रशासन और डिक्स के योगदान की सराहना की। सफल रेस्क्यू पर अर्नोल्ड ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ये मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं पेरेंट्स तक उनके बच्चों को पहुंचा पाया। आपको याद होगा की शुरुआत में ही मैंने कहा था 41 लोगों का घर और किसी को भी क्रिसमस तक कुछ नहीं होने दिया जाएगा। लोगों के लिए क्रिसमस समय से पहले ही आ गई। हम लोग शांत थे और जानते थे कि हमें क्या चाहिए। हमने एक टीम की तरह काम किया। इंडिया के पास बेस्ट इंजीनियर्स हैं। एक सफल मिशन का हिस्सा बनकर अच्छा लगा। इंटरनेट पर अर्नोल्ड की मंदिर में प्रार्थना करते हुए भी एक वीडियो वायरल हो रही है।