रामजन्मभूमि पर बने भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 से 13 जनवरी तक धूमधाम से मनाई जाएगी। इस तीन दिवसीय आयोजन में बड़े अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रम होंगे। यह दिन खास है, क्योंकि एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जो एक ऐतिहासिक घटना थी। कार्यक्रम के दौरान रामजन्मभूमि मंदिर में मंत्र जाप, यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके अलावा, राम मंदिर परिसर में राग सेवा, बधाई गान और रामचरितमानस का संगीतमय पाठ भी होगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन के समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा, और इसमें 80 हजार से ज्यादा लोग प्रतिदिन रामलला का दर्शन करने आ रहे हैं।
इसके साथ ही, अयोध्या में अंगद टीला पर भी कार्यक्रम होंगे, जिनमें राम कथा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह उत्सव न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, जो अयोध्या की पहचान और धरोहर को और भी मजबूत करेगा।
तीन दिवसीय भव्य महापूजा और उत्सव
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को 11 से 13 जनवरी तक धूमधाम से मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर यज्ञ मंडप में शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी। इसके साथ ही, राम रक्षा स्तोत्र, विष्णु सहस्रनाम, हनुमान चालीसा और छह लाख राम मंत्रों का जाप भी होगा। प्रार्थना मंडप में राग सेवा का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। रामचरितमानस का संगीतमय पाठ और बधाई गान भी तीनों दिन आयोजित किए जाएंगे। वहीं, राम मंदिर परिसर के बाहर आंगद टीला पर राम कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें श्रद्धालु खुलकर भाग ले सकेंगे।
11 जनवरी को अयोध्या में पाटोत्सव की शुरुआत अंगद टीला पर भोजन वितरण से होगी। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 12:20 बजे रामलला की प्राकट्य आरती होगी, जो एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुई। यह आरती रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की याद दिलाएगी। तीन दिवसीय इस उत्सव में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम होगा। श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचेंगे, और हर दिन हजारों लोग इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनेंगे। यह उत्सव धार्मिक महत्व के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत करेगा।