Bad Cholesterol: खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होने से बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ने लगता है। बैड कोलेस्ट्रॉल यानी हाई कोलेस्ट्रॉल के शरीर में कोई संकेत पहले से नजर नहीं आते हैं। लिहाजा इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। जब तक पता चलता है, तब तक खून की नसें ब्लॉक हो चुकी होती हैं और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ चुका होता है। कोलेस्ट्रॉल आपकी ओर से जो कुछ भी खाया जाता है। वो फैट और शुगर वाली चीजों से बनता है, जो नसों में इकठ्ठा होता रहता है। आजकल के समय में लाखों लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या का सामना कर रहे हैं। कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है- गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल।
