हरियाली तीज के मौके पर अगर आप मथुरा के वृंदावन के बांकी बिहारी में जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इससे पहले इस गाइडलाइन को जरूर पढ़ लें। दरअसल, बांके बिहारी मंदिर प्रशासन ने हरियाली तीज के अवसर पर आने वालों भक्तों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ताकि दर्शन को आने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मंदिर के प्रबंधक प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह भीड़ में न आएं। इसके अलावा हरियाली तीज पर बुजुर्ग, बीमार और बच्चों को न लाएं। साथ ही कहा है कि खाली पेट न आएं।
इस साल 7 अगस्त 2024 को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाएगा। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं को बताया है कि हरियाली तीज मेले पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ का अत्यधिक दबाव रहेगा। लिहाजा इस दिन भीड़ को देखकर ही आपने आने की तैयारी करें।
4 अगस्त से 7 अगस्त तक बांके बिहारी में रहेगी भीड़
बता दें कि बांके बिहारी मंदिर में 108 दिन तक चलने वाले फूल बंगला उत्सव का समापन हरियाली अमावस्या को होता है। इसके 3 दिन बाद भगवान बांके बिहारी वर्ष में एक बार हरियाली तीज के अवसर पर स्वर्ण रजत निर्मित हिंडोला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। इसीलिए हरियाली अमावस्या से लेकर हरियाली तीज तक बांके बिहारी मंदिर में भीड़ ज्यादा रहती है। मंदिर ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि 4 अगस्त को हरियाली अमावस्या से 7 अगस्त को हरियाली तीज तक मंदिर परिसर और गलियों में भीड़ ज्यादा रहती है। ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालु जहां ज्यादा जगह हो वहां रुक जाएं। इसके साथ ही भीड़ में अगर संभव हो तो मंदिर दर्शन करने के लिए आने से बचें।
बुजुर्ग, दिव्यांगों नहीं लाने की अपील
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस भीषण और उमस भरी गर्मी और बारिश के मौसम में बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं सावधान रहना चाहिए। उन्हें यहां आने से बचने के लिए कहा गया है। खाली पेट नहीं आने के लिए कहा गया है। मंदिर आते समय श्रद्धालु किसी भी तरह का कीमती सामान, आभूषण या अधिक नगदी अपने साथ नहीं लाएं। सभी श्रद्धालुओं को मंदिर के तय किए गए प्रवेश द्वार और निकास द्वार का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
बच्चों के जेब में रखें नाम की पर्ची
जेबकतरों, चैनकतरों और मोबाइल चोरों से सावधान रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही वृद्धों और बच्चों की जेब में नाम, पता और फोन नम्बर की पर्ची जरूर लिखकर रखें। ताकि किसी भी परिजन के बिछड़ने पर उन्हें सूचित किया जा सके। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा वस्तु की सूचना अपने पास खड़े सुरक्षा कर्मचारी अथवा पुलिस कर्मचारी को जरूर दें।