Bengaluru Floods: तीसरे दिन भी बेंगलुरू बाढ़ (Bengaluru Floods) के पानी में डूबा रहा। इसके कारण शहर के होटलों में कमरें तक मिलना मुश्किल हो गया है और जो मिल भी रहे हैं, तो उनकी कीमत काफी ज्यादा है। कई हताश परिवारों को होटल के कमरों के लिए भटकना पड़ रहा है। 5 सितंबर को भारी बारिश के बाद शहर में कई लग्जरी घरों में पानी भर गया। इस कारण बड़े-बड़े होटलों ने अपने कमरों की कीमत में इजाफा कर दिया है। रोजाना औसतन जो कमरा 10,000-20,000 रुपए में मिलता, वो अब 30,000-40,000 रुपये में मिल रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पर्पलफ्रंट टेक्नोलॉजीज की CEO और फाउंडर मीना गिरिसाबल्ला ने कहा कि उनका परिवार ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर एक होटल में एक रात बिताने के लिए 42,000 रुपये खर्च कर रहा है, क्योंकि यमलूर में उनके आलीशान घर में पानी भर गया है।
व्हाइटफील्ड, आउटर रिंग रोड, ओल्ड एयरपोर्ट रोड और कोरमंगला के होटल शुक्रवार तक पूरी तरह से बुक थे। इस बीच, आसमान छूती कीमतों के बावजूद लोगों को कमरे नहीं मिल पा रहे थे।
निवासी ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि बाढ़ का पानी कम होने तक वे अपने विला की पहली मंजिल में रह सकते हैं, लेकिन बिजली का बैकअप खत्म हो गया और उनके पास होटलों में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोगों ने कहा कि मेहमान 10-15 दिनों के लिए कमरे बुक कर रहे थे, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पानी निकलने के बाद उनके घरों की सफाई और रेनोवेशन में ज्यादा समय लगेगा।
एप्सिलॉन, बेंगलुरू के कॉरपोरेट और बिजनेस एलीट का घर, एक शानदार कोठी से गंदगी के अंबार में तब्दील हो गया है। शहर का सबसे खास गेटेड कम्यूनिटी, जो ऋषद प्रेमजी, बायजू रवींद्रन और वरुण बेरी जैसे अरबपतियों का घर है। यहां भी रविवार रात मूसलाधार बारिश के बाद पानी भर गया।
ज्यादातर लोगों को नावों में बचाया गया था। रेस्क्यू के बाद ये पूरा इलाका एक भूतिया शहर की तरह लग रहा था, क्योंकि यहां के निवासियों को सुरक्षित होटलों में शिफ्ट कर दिया गया था। एक से एक आलीशान घर जलमग्न हो गए और महंगे-महंगे फर्नीचर पानी में तैरते दिखे।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले अरबपतियों में अनएकेडमी के गौरव मुंजाल शामिल हैं, जो ट्रैक्टर के जरिए वहां से निकले और उन्होंने अपने रेस्क्यू का वीडिया भी शेयर किया।
वेंचर कैपिटल फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर ईशान मित्तल ने कहा कि अपार्टमेंट में बिजली नहीं होने पर उनकी सोसायटी के 300 परिवारों को निकाला गया था। कई तस्वीरों जर्मन और इटली की कई महंगी कारें जलमग्न और तैरती हुईं दिखीं।
कई लोगों ने निकाला अपना गुस्सा
बाढ़ और बारिश के कहर के बीच, कई उद्योग जगत के लीडर्स और कॉर्पोरेट प्रमुखों ने बेंगलुरु में लोगों की समस्याओं पर अपना गुस्सा निकालने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।
बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की दिग्गज किरण मजूमदार-शॉ ने बारिश के कहर को "विनाशकारी" करार दिया और कहा कि शहर ने कभी भी इतने बड़े पैमाने पर बाढ़ का सामना नहीं किया है।
बेंगलुरु की बायोफार्मास्युटिकल्स कंपनी बायोकॉन के एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन ने कहा कि सरकार और डेवलपर्स दोनों को जल-जमाव के लिए सामूहिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।