नौकरी से निकाला जाना बुरा है, लेकिन यह अधिक बुरा तब हो जाता है जब आपको निकालते वक्त न्यूनतम सम्मान भी ना दिया जाए। बेंगलुरू में एक स्टार्टअप कंपनी ने युवा सॉफ्टवेयर डेवलपर को सिर्फ ढाई महीने में ही नौकरी से निकाल दिया। यह युवक का पहला फुल-टाइम जॉब था, जिसे नौकरी से निकाले जाने की जानकारी मैसेज के जरिए दी गई। नौकरी से निकालने का यह तरीका स्टार्टअप कंपनियों में कामकाज के माहौल को लेकर भी चिंता पैदा करता है। इस सॉफ्टवेयर डेवलपर के पास छह महीने का इंटर्नशिप एक्सपीरियंस था, जिसे फ्रंटएंड डेवलपर के रूप में हायर किया गया था।
