Get App

बेंगलुरु के स्टार्टअप का कारनामा, फ्रेशर को टेक्स्ट मैसेज के जरिए नौकरी से निकाला

Reddit पर साझा किए गए पोस्ट में डेवलपर ने अपने कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, "पहले हफ्ते में मुझे एक ऐसा प्रोजेक्ट सौंपा गया, जिसमें 70 फीसदी काम बैकएंड से संबंधित थे।" उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बैकएंड डेवलपमेंट में पहले कोई अनुभव नहीं था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 30, 2024 पर 5:25 PM
बेंगलुरु के स्टार्टअप का कारनामा, फ्रेशर को टेक्स्ट मैसेज के जरिए नौकरी से निकाला
यूकेजी में काम कर रहे एक सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर ने लिंक्डइन पोस्ट में में लिखा कि आज यूकेजी में कई एंप्लॉयीज की छंटनी हो गई। जिन लोगों की छंटनी हुई है, उनके लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, और यह महत्वपूर्ण है कि सभी एक कम्यूनिटी के रूप में एक दूसरे का समर्थन करने के लिए साथ आएं।

नौकरी से निकाला जाना बुरा है, लेकिन यह अधिक बुरा तब हो जाता है जब आपको निकालते वक्त न्यूनतम सम्मान भी ना दिया जाए। बेंगलुरू में एक स्टार्टअप कंपनी ने युवा सॉफ्टवेयर डेवलपर को सिर्फ ढाई महीने में ही नौकरी से निकाल दिया। यह युवक का पहला फुल-टाइम जॉब था, जिसे नौकरी से निकाले जाने की जानकारी मैसेज के जरिए दी गई। नौकरी से निकालने का यह तरीका स्टार्टअप कंपनियों में कामकाज के माहौल को लेकर भी चिंता पैदा करता है। इस सॉफ्टवेयर डेवलपर के पास छह महीने का इंटर्नशिप एक्सपीरियंस था, जिसे फ्रंटएंड डेवलपर के रूप में हायर किया गया था।

युवक ने नौकरी से निकाले जाने पर क्या कहा?

Reddit के "DevelopersIndia" कम्युनिटी पर साझा किए गए पोस्ट में डेवलपर ने अपने कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, "पहले हफ्ते में मुझे एक ऐसा प्रोजेक्ट सौंपा गया, जिसमें 70 फीसदी काम बैकएंड से संबंधित थे।" उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें बैकएंड डेवलपमेंट में पहले कोई अनुभव नहीं था। सीखने की उनकी इच्छा के बावजूद काम का बोझ लगातार बढ़ता गया।

उन्होंने आगे कहा, "मैंने प्रोजेक्ट के स्लैक चैनल में आने वाली हर समस्या के बारे में बताया, जैसा कि निर्देश दिया गया था। रिस्पॉन्स इनकंसिस्टेंट थी, कभी-कभी फीडबैक मिलती थी, अक्सर इसे छोड़ दिया जाता था।" उन्होंने आगे कहा कि एक बोर्ड मेंबर की ओर से अचानक एक टेक्स्ट मैसेज के जरिए नौकरी से निकालने की जानकारी दी गई। अचानक नौकरी से निकाले जाने के चलते युवक को झटका लगा। उसे इसके बारे में कोई पूर्व चेतावनी नहीं दी गई और न ही अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें