उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से रिश्तों के तार-तार करने वाली खबर आई है, जहां एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने एक 36 साल के व्यक्ति को अपनी ही 60 साल की विधवा मां के साथ बलात्कार करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सोमवार को सुनवाई में अपर जिला न्यायाधीश वरुण मोहित निगम ने गहन जांच के बाद आबिद को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 51,000 रुपए का जुर्माना लगाया।
न्यूज एजेंसी IANS के हवाले से सरकारी वकील विजय शर्मा ने कहा, "आज माननीय न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपनी प्रैक्टिस के सालों में, मैंने कभी किसी मां को धारा 376 जैसे गंभीर अपराध में रोते हुए और दोहराते हुए नहीं देखा या सुना कि उसका बेटा एक राक्षस है, जिसने उसके साथ बलात्कार किया है। कोर्ट ने रिकॉर्ड 20 महीने में मामले का निपटारा कर दिया है।"
घटना 16 जनवरी 2023 को बुलंदशहर के एक गांव में हुई थी। FIR के मुताबिक, आबिद अपनी मां के साथ कृषि फार्म से मवेशियों के लिए चारा लाने गया था, जहां उसने उनके साथ बलात्कार किया।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मां ने दावा किया कि उसका बेटा चाहता था कि उसके पति की मौत के बाद वह उसकी पत्नी की तरह उसके साथ रहे। पीड़िता के बयान में कहा गया, "मेरे पति की मौत के बाद मेरा बेटा चाहता था कि मैं उसकी पत्नी की तरह रहूं।"
मां ने अपने छोटे बेटों यूसुफ और जावेद को आपबीती सुनाई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में FIR दर्ज कराई।
छोटे बेटों ने दर्ज कराई FIR
Indian Express ने बेटों के हवाले से बताया, “जब मां वापस लौटी तो उसने हमें घटना के बारे में बताया। हमने परिवार के भीतर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन आबिद हमारी मां को अपनी पत्नी की तरह उसके साथ रहने की धमकी देता रहा, जिसके बाद हमने FIR दर्ज की।”
21 जनवरी, 2023 को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार के लिए सजा) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था और 22 जनवरी को आबिद को गिरफ्तार कर लिया गया था।