Chenab Bridge: बादलों की छाती चीरकर गुजरेगी ट्रेन, एफिल टावर से भी ऊंचा बना पुल, बम और भूकंप भी रहेगा बेअसर

Chenab Bridge: दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बनाया गया है। इस पुल की निर्माण लागत 1486 करोड़ रुपये है। ये पुल हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों को कश्मीर से जोड़ेगा। इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर (1178 फीट) है। यह पुल पेरिस के मशहूर एफिल टावर से भी काफी ऊंचा है

अपडेटेड Apr 09, 2024 पर 4:50 PM
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Chenab Bridge: चिनाब ब्रिज पर जल्द ही वंदे भारत और वंदे मेट्रो जैसी ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी।

Chenab Bridge: भारत में दुनिया का सबसे बड़ा रेल पुल बनकर तैयार हो चुका है। इसे जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बनाया गया है। खास बात है कि चिनाब ब्रिज (पुल) पेरिस में स्थित एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद चिनाब ब्रिज पर रेल यातायात शुरू हो जाएगा। जल्द ही इस पुल से वंदे भारत और वंदे मेट्रो जैसी ट्रेनें दौड़ेंगी। इस पुल की ऊंचाई अधिक होने की वजह से कई बार बादल भी नीचे दिखाई देते हैं। ऐसे में जब वंदे भारत ट्रेन यहां से गुजरेगी तो नजारा देखते ही बनेगा।

चिनाब नदी पर पुल को नदी तल से 359 मीटर (1178 फीट) की ऊंचाई पर बनाया गया है। ये पुल पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। चिनाब पुल इंजानियरिंग का अद्भुत कारनामा है। इसकी वजह ये है कि ये दो पहाड़ों को बहुत ज्यादा ऊंचाई पर जोड़ता है। इसके जरिए जम्मू-कश्मीर रेल के जरिए देश के बाकी के हिस्सों से जुड़ जाएगा।

चिनाब ब्रिज की खासियत


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पुल को बनाने के लिए 93 डेक का इस्तेमाल किया गया है। जिनमें से हर एक का वजन 85 टन है। इन डेक को पुल के दोनों हिस्सों से धीरे-धीरे स्टील के आर्क के ऊपर फिट किया गया है। डेक उस चीज को कहा जाता है, जो पुल के ऊपर बिछाई जाती है। ताकि फिर उस पर पटरी को बिछाया जा सके। चिनाब पुल 17 स्पैन से बना है और आर्क की लंबाई 467 मीटर है। जिसे सबसे लंबा माना जा रहा है। रेलवे के मुताबिक, 467 मीटर लंबे आर्क स्पैन को जोड़ना सबसे जरूरी काम था। इस काम में बहुत ज्यादा सटीकता की जरूरत थी। ताकि आर्क के दोनों सिरों को बिना गड़बड़ी के मिलाया जा सके।

बम धमाका और भूकंप भी रहेगा बेअसर

खास बात है कि यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को झेल सकता है। इसके लिए टेस्ट किए जा चुके हैं। इसकी उम्र 120 साल होगी। यह माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को भी झेलने में सक्षम होगा। पहाड़ों के बीच और नदी के ऊपर बने चिनाब ब्रिज की मजबूती इतनी जबरदस्त है कि इस पर भूकंप और धमाके का कोई असर नहीं होगा। यह पुल ब्लास्ट प्रूफ है।

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