Hijab Row: CJI बोले- हिजाब और परीक्षा के बीच कोई संबंध नहीं है, इस मुद्दे को सनसनीखेज न बनाएं

Supreme Court ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से गुरुवार को इनकार कर दिया

अपडेटेड Mar 25, 2022 पर 11:33 AM
कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध बरकरार रखा है

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से गुरुवार को इनकार कर दिया, जिसमें अदालत ने कक्षा के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था और कहा था कि हिजाब इस्लाम धर्म में आवश्यक धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन. वी. रमना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की एक पीठ ने वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत के अनुरोध को खारिज कर दिया। कामत ने कहा था कि परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

CJI रमना ने उनकी अपीलों पर सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार करते हुए कहा, 'परीक्षाओं का इस मामले (हिजाब) से कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे को सनसनीखेज न बनाएं।' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे बार-बार मामले का जिक्र कर रहे हैं। CJI ने कर्नाटक सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को भी अपनी दलीलें रखने की अनुमति नहीं दी।


CJI ने कहा, 'सॉलिसिटर जनरल जी, क्या आप इंतजार कर सकते हैं।' वहीं, उन्होंने कामत से कहा कि इस मामले को संवेदनशील ना बनाएं। कामत ने कहा कि इन लड़कियों की 28 तारीख को परीक्षा है। उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। उनका एक साल बर्बाद हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

ये भी पढ़ें- Yogi Adityanath Oath-taking: योगी आदित्यनाथ आज दूसरी बार लेंगे CM पद की शपथ, देखिए संभावित मंत्रियों की पूरी लिस्ट

सुप्रीम कोर्ट कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार करने के कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर होली के अवकाश के बाद सुनवाई करने के लिए 16 मार्च को सहमत हो गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ छात्राओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े की उन दलीलों पर गौर किया था कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है। मामले में हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ के आदेश के खिलाफ कुछ याचिकाएं दायर की गई हैं। हाई कोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत हिजाब पहनना इस्लाम धर्म में आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली उडुपी स्थित ‘गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज’ की मुस्लिम छात्राओं के एक वर्ग की याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उसने कहा था कि स्कूल का यूनिफॉर्म का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से स्वीकृत है, जिस पर छात्राएं आपत्ति नहीं उठा सकतीं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।