CM Yogi ने गोरखपुर में लगाया जनता दरबार, 'योग', 'आयुर्वेद' और 'नाथपंथ' पर दिए ये संदेश

सोमवार को सीएम योगी ने गोरखपुर में जनता दर्शन में समस्याएं सुनीं और गोरखनाथ यूनिवर्सिटी में "योग, आयुर्वेद और नाथपंथ" पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस में हिस्सा लिया। योगी ने इन प्राचीन विधाओं को स्वस्थ और खुशहाल जीवन का जरिया बताया और छात्रों को इन पर काम करने के लिए प्रेरित किया

अपडेटेड Jan 14, 2025 पर 12:33 PM
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गोरखनाथ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल कांफ्रेंस

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने करीब 100 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने एक छोटी बच्ची को प्यार से दुलारते हुए उसे चॉकलेट दी। एक महिला ने इलाज के लिए मदद मांगी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उसे भरोसा दिलाया कि उसका इलाज कराया जाएगा। इसके बाद सीएम योगी गोरखनाथ यूनिवर्सिटी में आयोजित "योग, आयुर्वेद और नाथपंथ" पर तीन दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद न केवल प्राचीन भारतीय परंपरा हैं, बल्कि जीवन को स्वस्थ, संतुलित और खुशहाल बनाने के साधन भी हैं। उन्होंने इन विधाओं को आत्मा और शरीर को जोड़ने का माध्यम बताया और युवाओं से इन पर गहराई से शोध करने की अपील की।

योग, आयुर्वेद और नाथपंथ पर CM के विचार


जनता दर्शन के बाद सीएम योगी ने कहा कि योग, आयुर्वेद और नाथपंथ एक-दूसरे से जुड़े हैं। ये तीनों मानते हैं कि हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है और यह प्रकृति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि जप और ध्यान (मेडिटेशन) के जरिए मन को शांत और ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है। ये विधियां जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाती हैं।

गोरखनाथ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल कांफ्रेंस

इसके बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां "आयुर्वेद, योग और नाथपंथ" पर तीन दिन की इंटरनेशनल कांफ्रेंस हो रही थी। उन्होंने इस कार्यक्रम में छात्र और शोधकर्ताओं को संबोधित किया। सीएम योगी ने बताया कि योग और आयुर्वेद भारत की पुरानी परंपरा हैं और इनसे न केवल बीमारियां ठीक होती हैं, बल्कि शरीर और मन भी मजबूत बनता है।

सीएम का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया योग और आयुर्वेद को अपनाने लगी है। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं से कहा कि वे इन प्राचीन विधाओं पर और काम करें ताकि लोगों का भला हो सके।उन्होंने यह भी बताया कि अगर हम योग और आयुर्वेद का सही तरीके से उपयोग करें तो हम शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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