Mamta Kulkarni Expelled By Kinnar Akhara: प्रयागराज से चल रहे महाकुंभ से शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। ये खबर, कुछ ही दिन पहले महामंडलेश्वर बनी बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को लेकर आई। महज सात दिन के भीतर किन्नर अखाड़े ने ममता कुलकर्णी से महामंडलेश्वर का ताज छीन लिया है। बता दें कि पिछले हफ्ते ही 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी संन्यास दीक्षा ग्रहण कर किन्नर अखाड़े में शामिल हुई थीं और उन्हें अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधी दी थी। वहीं अब किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजयदास ने बड़ा एक्शन लेते हुए ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटा दिया है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी के साथ ही साथ ममता को यह पदवी देने वालीं आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी अखाड़े ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ममता कुलकर्णी पर किन्नर अखाड़े ने एक बयान जारी किया. इस बयान में ममता कुलकर्णी के ऊपर एक्शन की वजह बताई गई हैं। ऐसे में अब सवाल उठता है कि आखिर किन्नर अखाड़े को महज सात दिनों के भीतर ये फैसला क्यों लेना पड़ा। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह
ममता कुलकर्णी से क्यों छिना ताज
किन्नर अखाड़े के इस पीछे की सबसे बड़ी वजह ममता कुलकर्णी को बिना कुछ भी किए सीधे महामंडलेश्वर पद मिलना था। अखाड़े के कई लोगों का मानना था, ममता कुलकर्णी को पहले सन्यासी बनना चाहिए था और जब वो वैराग्य की दिशा में आगे बढ़ जाती फिर उन्हें उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी जानी चाहिए थी। इस बात का जिक्र खुद किन्नर अखाड़े ने अपने बयान में किया है। ममता कुलकर्णी को पद से हटाने के लिए फिल्मी दुनिया का होना बड़ी वजह तो नहीं बनी बल्कि उनका फिल्मों में दिया गया बोल्ड अवतार बड़ी वजह थी।
किन्नर अखाड़े के कई लोगों को आपत्ति इसी बात से थी। वहीं ममता को किन्नर अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखाने में उनका अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन होना एक बड़ी वजह बनी। ऐसे आरोप लगते हैं कि ममता ने फिल्मी दुनिया छोड़कर ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से दुबई में शादी कर ली थी। विक्की गोस्वामी पर देशद्रोह के आरोप भी रहे हैं।
बता दें कि किन्नर अखाड़े की स्थापना 2018 में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों द्वारा की गई थी और यह जूना अखाड़े के अधीन काम करता है। अखाड़ा एक हिंदू धार्मिक आदेश है। किन्नर अखाड़ा ट्रांसजेंडर साधुओं का एक मठवासी आदेश है। दशनामी संप्रदाय के हिंदू भिक्षुओं को दी जाने वाली महामंडलेश्वर की उपाधि का अनुवाद 'महान या कई मठों का प्रमुख' होता है।