चीन में कोरोनावायरस महामारी ने फिर पैर पसार लिए हैं। जिनपिंग सरकार ने दक्षिणी चीन के तकनीकी हब शेनझेन (Shenzhen) में सख्त लॉकडाउन लगा दिया गया है। इसके साथ ही शहर के करीब 1.75 करोड़ लोग कम से कम एक हफ्ते के लिए अपने घरों में कैद होने के मजबूर हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लॉकडाउन का यह कदम तब उठाया है, जब पूरे देश में नए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 3400 हो गई है। यह शहर कोरोना वायरस से बुरी तरह से प्रभावित हॉन्गकॉन्ग की सीमा से जुड़ा हुआ है।
शेनझेन में नए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शहर में तीन राउंड में बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्ट किया जाएगा। यहां 20 मार्च तक पबांदी लगी रहेगी। शहर में सभी बस और सबवे बंद कर दिए गए है। लोगों को शहर से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है।
चीन के तीन शहरों में लॉकडाउन लागू
चीन के जिलीन प्रांत की राजधानी चांगचुन में शुक्रवार से लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में शहर के 90 लाख लोगों को इमरजेंसी अलर्ट के बाद घरों में रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, शेडोंग प्रांत के युचेंग में भी लॉकडाउन का आदेश दिया गया, जहां की आबादी 5 लाख के करीब है। फिलहाल चीन के कुल तीन शहरों में लॉकडाउन लगा है, जिसके चलते 2,65,00,000 लोग अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हैं।
शेनझेन में इन कंपनियों के हेड ऑफिस
शेनझेन में चीन की दो प्रमुख कंपनियों हुआवे (Huawei) और टेनसेंट का हेड ऑफिस है। इसी शहर में Apple Inc अपना प्रोडक्शन का काम भी करती है। लॉकडाउन लागू होने से कंपनी ने फिलहाल अपने कामकाज पर रोक लगा दी है। लेकिन यह रोक कब तक जारी रहेगी, इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है। यह शहर हॉन्गकॉन्ग का पड़ोसी है। जहां पहले ही कोरोना की लहर से बड़ी संख्या में लोग संक्रमित मिल रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग में स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यहां कोविड-19 के 27,647 नए मामले सामने आ चुके हैं। हॉन्गकॉन्ग में और 87 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है जिन्हें मिलाकर अबतक यहां 3,729 लोगों की जान जा चुकी है।