Coronavirus: देश के हवाई अड्डों (Airport) पर चीन (China) और दूसरे देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों (International Passengers) के सैंपल रेंडम तरीके (Random Sample) से लेकर Covid-19 की जांच की जाएगी। दुनिया के कई हिस्सो में Covid-19 के बढ़ते मामलों के मद्देजनर यह फैसला किया गया है। PTI के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) की अध्यक्षता में देश में Covid-19 के हालात की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के बाद यह कदम उठाया गया।
केंद्र सरकार ने एक बयान में कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना के सभी पॉजिटिव सैंपल को INSACOG लैब में भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी नए वेरिएंट का समय रहते पता लगाया जा सके।
एक सूत्र ने कहा, "चीन समेत कई अलग-अलग देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के Covid-19 टेस्ट के लिए रेंडम तरीके से सैंपल लिए जाएंगे।" सूत्रों ने कहा कि चीन में Covid-19 के मामलों में बढ़ोतरी का कारण माने जा रहे, ओमिक्रोन के BF.7 सब-वेरिएंट के भारत में अब तक तीन मामले मिले हैं।
चीन के ज्यादातर शहर में इन दिनों ओमिक्रोन के नए सबसे संक्रामक स्ट्रेन ने कोहराम मचाया हुआ है। इन सब में BF.7 बीजिंग समेत कई शहरों में सबसे ज्यादा फैला हुआ है। देश में इसी सब-वेरिएंट के कारण ही, तेजी से कोरोना केस में उछाल आ रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चीन के अलग-अलग शहर वर्तमान में Covid-19 के बेहद की संक्रामक वेरिएंट ओमीक्रॉन, ज्यादातर BF.7, की चपेट में हैं, जो बीजिंग में फैलने वाला सबसे मुख्य सब-वेरिएंट है। इसी के कारण चीन में कोरोनावायर के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है।
BF.7 ओमीक्रोन के सब-वेरिएंट BA.5 का भी सब-वेरिएंट है और इसमें संक्रमण की व्यापक क्षमता होती है, और इसका इनक्यूबेशन पारियड कम होता है। इसमें दोबारा संक्रमित करने या उन लोगों को भी संक्रमित करने की ज्यादा क्षमता होती है, जिन्हें वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
यह अमेरिका, ब्रिटेन और बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और डेनमार्क जैसे यूरोपीय देशों समेत कई देशों में पहले ही पाया जा चुका है।