देश में कोरोना संक्रमण ने अपनी रफ्तार फिर से तेज कर ली है। एक दिन में 12,000 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि दैनिक नए मामले सिर्फ एक हफ्ते के भीतर 3,000 से 12,000 जा पहुंचे हैं। ऐसे में कई लोगों का मानना है कि संक्रमण की एक बड़ी लहर की शुरुआत है। वहीं इस मामले में हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि कोरोना वायरस के कई वेरिएंट में बदलाव देखने को मिला है।
अब सिर्फ खांसी, बुखार या सांस की कमी कोरोना के लक्षण नहीं रहे गए हैं। कोरोना फेफड़ों के अलावा सभी अंगों को प्रभावित कर रहा है इसलिए इसके लक्षणों को पहचानना और ज्यादा मुश्किल हो रहा है क्योंकि इसके अधिकतर लक्षण कई आम बीमारियों से मिलते-जुलते हैं।
जानिए देश में कोरोना के किन-किन वेरिएंट्स का खतरा
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron variant) कोरोना वायरस का अब तक का सबसे बड़ा स्ट्रेन रहा है। पिछले साल अप्रैल-जून महीने में डेल्टा वेरिएंट से घातक संक्रमण की लहर आई थी। इस साल की शुरुआत में कम हो गई है। इस हफ्ते देश में दो नए वेरिएंट के मामले सामने आए हैं। जिन्हें BA.4 और BA.5 के रूप में जाना जाता है। बताया जाता है कि इन ओमीक्रोन के इन सब-वेरिएंट्स में सबसे ज्यादा तेजी से फैलने की क्षमता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में महाराष्ट्र में BA.4 और BA.5 के जो मामले मिले हैं। उन रोगियों में दस्त और बुखार से जुड़े लक्षण पाए गए हैं। इनके अलावा मौजूदा समय में जो कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। उनमें बड़े लेवल पर दस्त की शिकायत सामने आई है। महामारी शुरू होने के बाद से डायरिया को कोरोना से जोड़ा गया है।
डॉक्टरों ने लोगों से डायरिया और बुखार के लक्षण दिखने पर उन्हें तुरंत जांच कराने की सलाह दी है। इससे संक्रमण की शीघ्र पहचान करने में मदद मिलेगी और कोरोना के नियमों का पालन करने से दूसरों को संक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल कोरोना से बचाव के लिए उससे जुड़े सभी नियमों का पालन करने में ही भलाई है।