Bengaluru: 'Brahmin Genes' पोस्ट पर खड़ा हुआ विवाद, तो CEO अनुराधा तिवारी ने दिया अपने आलोचकों को ये जवाब

Anuradha Tiwari ने अब बढ़ती आलोचना और समर्थन के बीच एक्स पर कुछ और पोस्ट किए हैं। उन्होंने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए एक पोस्ट में कहा कि आजकल ब्राह्मण अपना पूरा नाम बताने से डरते हैं और एक्टिविस्ट और राजनेताओं ने उन्हें "विलेन" बना दिया है

अपडेटेड Aug 25, 2024 पर 8:47 PM
Story continues below Advertisement
CEO अनुराधा तिवारी को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

कंटेंट मार्केटिंग कंपनी की फाउंडर और CEO अनुराधा तिवारी को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। अनुराधा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्हें नारियल पानी पकड़े हुए देखा जा सकता है। इस फोटो में वे अपना मसल्स दिखा रही हैं। हालांकि, विवाद फोटो पर नहीं बल्कि फोटो के साथ लगाए गए कैप्शन पर हो रहा है। इस तस्वीर के कैप्शन में अनुराधा ने लिखा है- "ब्राह्मण जीन" (Brahmin Genes)। यह पोस्ट काफी वायरल हो रहा है और इसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

Anuradha Tiwari ने अपने आलोचकों को दिया जवाब


अनुराधा ने अब बढ़ती आलोचना और समर्थन के बीच एक्स पर कुछ और पोस्ट किए हैं। उन्होंने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए एक पोस्ट में कहा कि आजकल ब्राह्मण अपना पूरा नाम बताने से डरते हैं और एक्टिविस्ट और राजनेताओं ने उन्हें "विलेन" बना दिया है। अनुराधा ने प्रोफाइल पर ‘वनफ़ैमिलीवनरिजर्वेशन’ का हैशटैग लगा रखा है और इसके पहले भी उन्होंने जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ कई पोस्ट किए हैं। एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कम्युनिटी को कोई आरक्षण या “मुफ़्त सुविधाएं” नहीं मिलती हैं। दूसरी ओर, अनुराधा के कई आलोचकों ने उनके इस नजरिए को “जातिवादी” बताया।

50 लाख से अधिक बार देखा गया पोस्ट

अनुराधा की पोस्ट को एक्स पर 50 लाख से अधिक बार देखा गया है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, "जैसी उम्मीद थी, 'ब्राह्मण' शब्द का उल्लेख मात्र से ही कई हीन भावनाएं जाग जाती हैं। यह इस बात को दिखाता है कि असली जातिवादी कौन हैं। UC को सिस्टम से कुछ नहीं मिलता - न आरक्षण, न ही कोई मुफ्त सुविधाएं। हम सब कुछ अपने दम पर कमाते हैं और हमें अपने वंश पर गर्व करने का पूरा अधिकार है।"

तिवारी ने एक्स पर अपनी एक लेटेस्ट पोस्ट में कहा: “आज ब्राह्मण अपना पूरा नाम बताने से डरते हैं। हमारे खिलाफ इतनी नफरत फैलाई गई है। सोशल जस्टिस एक्टिविस्ट और राजनेताओं ने हमें विलेन बना दिया है। हम किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। हमें सरकार से कोई मदद नहीं मिलती। हम कड़ी मेहनत करते हैं। हमें अपनी जाति पर शर्म क्यों आनी चाहिए?"

उन्होंने आगे दावा किया कि ब्राह्मण उत्पीड़क नहीं थे, बल्कि वैदिक ज्ञान के रक्षक थे, जिन्होंने इसे बचाने के लिए अपनी जान भी दे दी। उन्होंने कहा कि समुदाय को किसी ऐसी चीज के लिए दोषी महसूस नहीं कराया जाना चाहिए जो कभी हुई ही नहीं। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा: “प्राउड दलित/मुस्लिम/आदिवासी ठीक है, प्राउड ब्राह्मण ठीक नहीं है, ब्राह्मणों को उनके अस्तित्व के लिए दोषी महसूस कराने के लिए एक पूरी व्यवस्था काम कर रही है। इस नैरेटिव को बदलने का समय आ गया है। एक बेबाक ब्राह्मण बनें। इसे अपनी आस्तीन पर पहनें। तथाकथित सोशल जस्टिस वॉरियर्स को जलने दें।”

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।