AMEYA JOSHI
AMEYA JOSHI
Delhi T3 Terminal : भारत में घरेलू एयर ट्रैफिक कोविड के दौर से अभी तक के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। महीने के शुरुआती नौ दिन में सातवीं बार घरेलू यात्रियों की संख्या 4 लाख से ज्यादा हो गई। यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के साथ उनसे जुड़ी शिकायतें भी बढ़ गई हैं। दर्जनों लोग सोशल मीडिया पर दिल्ली और मुंबई से उड़ान भरने से पहले हर कदम पर लंबे इंतजार से जुड़ी शिकायतें कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की टी3 और मुंबई के टी2 देश के भीतर सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित और पुरस्कार हासिल करने वाले टर्मिनल हैं।
क्या है समस्या, क्या कहते हैं आंकड़े
टर्मिनल के अंदर जाने से लेकर सिक्योरिटी और इमिग्रेशन के लिए कतार तक सभी शिकायतें उन क्षेत्रों से जुड़ी हैं जो एयरपोर्ट ऑपरेटर्स (airport operators) के सीधे कंट्रोल में नहीं आती हैं। पैसेंजर्स एयरपोर्ट के भीतर लंबी कतारों की शिकायतें कर रहे हैं, जहां आईडी चेक औ टिकट चेक करना जरूरी है।
सबसे ज्यादा शिकायतें सिक्योरिटी के लिए लगी लाइनों से जुड़ी हैं, जो मुख्य रूप से दिल्ली टी3 (Delhi T3) में हैं। कोविड से पहले के 72 डेस्टिनेशन की तुलना में अब 78 शहरों से जुड़ने के बावजूद दिल्ली एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की संख्या प्री-कोविड नंबर से ज्यादा नहीं हुई है।
समस्या की वजह डायल (DIAL) का एक्सपेंशन है, जिसके चलते टी3 के जरिये ज्यादा पैसेंजर उड़ान भर रहे हैं। हालांकि, एयरपोर्ट ने टी1 पर एक अराइवल फैसिलिटी खोली है, लेकिन एक्सपेंशन पूरा होने तक समस्या का समाधान होने की उम्मीद कम है।
एयरपोर्ट एक्सपेंशन प्रोजेक्ट सितंबर के अंत तक 73.2 फीसदी ही पूरा हुआ था। इस प्रोजेक्ट से सालाना क्षमता 6.6 करोड़ पैसेंजर्स से 10 करोड़ पैसेंजर्स तक पहुंच जाएगा।
क्या हैं समाधान
एक समाधान DigiYatra है, जहां पैसेंजर की व्यक्तिगत जानकारी जमा रहती है और इसके लिए एक अलग लाइन होती है। भले ही पैसेंजर्स इसे तेज प्रोसेस बता रहे हैं और दूसरों को इसके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि DigiYatra का इस्तेमाल बढ़ने पर एयरपोर्ट इसका रखरखाव कैसे करेंगे।
अतिरिक्त सिक्योरिटी प्वाइंट्स
Delhi airport ने ATRS (Automatic Tray Retrieval System) लागू कर दिया है, जो सीमित ट्र ही रि चेक के लिए जाएंगी। वहीं, सिक्योरिटी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसकी कीमत पर प्रोसेस में तेजी नहीं लाई जा सकती। सिविल एविएशन मिनिस्टर की दिल्ली एयरपोर्ट की विजिट के बाद बीसीएएस और सीआईएसएफ पीक आवर्स में अतिरिक्त मैनपावर क काथ काम कर रहे हैं। सिक्योरिटी के लिए अतिरिक्त लेन शुरू कर दी गई हैं।
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