Delhi International Airport : उड़ानों को कम किए जाने के बावजूद इमिग्रेशन और सिक्योरिटी पर लंबी कतारें, अव्यवस्थित चेकिंग और लाउंज की अस्त-व्यस्त हालात के चलते दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे का टर्मिनल 3 पैसेंजर्स के लिए बुरे सपने जैसा बना हुआ है। पैसेंजर हफ्तों से टी3 पर डिपार्चर से जुड़ी बोझिल प्रक्रिया की शिकायत कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सिक्योरिटी चेक की लंबी कतारों से जुड़े फोटो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें क्लीयरैंस एरिया में दो से तीन घंटे तक इतजार करना पड़ा।
भीतर घुसने में लग जाता है आधा घंटा
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक एडवोकेट सुदीप श्रीवास्तव (53) ने कहा, “मैं काम के सिलसिले में अक्सर बाहर जाता रहता हूं, लेकिन अब यह मेरे लिए बुरे सपने की तरह हो गया है। प्रवेश करते समय, टी3 के भीतर घुसने में 20-30 मिनट लग जाते हैं। हर रोज कम से कम 5-6 लाइन लगती हैं। फिर हमें बैगेज ड्रॉप के लिए इंतजार करना पड़ता है। सिक्योरिटी जांच की सबसे खराब स्थिति है। यह शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करने वाला है।”
सिक्योरिटी चेक की हालत सबसे खराब
पर्सनल स्टायलिस्ट और कंसल्टैंट संजुक्ता पांडे ने बताया, “मुझे इंट्रैंस पर कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन बैगेज ड्रॉप खासा सुस्त रहा। सिक्योरिटी चेक की बेहद खराब हालत थी। सिक्योरिटी चेक पर स्कैनिंग के लिए लंबी कतार थी, लेकिन मशीन काम नहीं कर रही थी। वहां बहुत ज्यादा अव्यवस्था थी। हालांकि, वेडिंग सीजन या महामारी के बाद की उड़ानों के कारण भीड़ ज्यादा हो सकती है।”
3.5 घंटे पहले आने के लिए कह रही हैं एयरलाइंस
एयरलाइंस ने पैसेंजर्स से डिपार्चर से 3.5 घंटे पहले आने के लिए कहना शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने लंबी कतारों के लिए काउंटर्स की कमी, सीमित स्थान, ज्यादा पैसेंजर्स और सिक्योरिटी स्टाफ की कमी को जिम्मेदार बताया है।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने कहा कि वह टी3 की मांग को पूरा करने के लिए काम कर रही है। डायल ने कहा कि हम सीआईएसएफ और इमिग्रेशन जैसे स्टेकहोल्डरस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पैसेंजर्स को गाइड करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर लगाई गई है। सूत्रों ने कहा कि एयरपोर्ट सीमित सीआईएसएफ स्टाफ के चलते पैसेंजर्स के लिए वेटिंग टाइम बढ़ गया है।