NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब और तेज हो गई है। राजस्थान पुलिस की जांच का फोकस अब जयपुर ग्रामीण इलाके के दो भाइयों- दिनेश बिवाल और मांगीलाल पर है। पुलिस को शक है कि इन दोनों ने लीक हुआ पेपर हासिल कर उसे आगे फैलाने में अहम भूमिका निभाई। यह मामला 3 मई को हुई NEET UG परीक्षा से जुड़ा है, जिसे बाद में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने सीकर के RK Consultancy नाम के करियर गाइडेंस सेंटर के संचालक राकेश मंडावरिया से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, मंडावरिया ने कबूल किया कि उसने दिनेश और मांगीलाल से करीब 15 लाख रुपये में पेपर खरीदा था। इसके बाद यह कथित “गेस पेपर” छात्रों के बीच फैल गया।
बताया जा रहा है कि बाद में यही पेपर एक व्हिसलब्लोअर तक पहुंचा, जिसने इसकी जानकारी NTA को दी। इसके बाद देशभर में जांच शुरू हुई।
पुलिस के अनुसार, दिनेश और मांगीलाल प्रॉपर्टी डीलिंग और खेती से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि परिवार के कई बच्चों ने पिछले कुछ सालों में NEET परीक्षा दी थी।
दिनेश का बेटा ऋषि सीकर में कोचिंग कर रहा था, जबकि मांगीलाल के चार बच्चों ने 2024 में NEET परीक्षा दी थी। हालांकि परिवार का कहना है कि सिर्फ दो बच्चे ही पास हुए थे और उनके नंबर भी ज्यादा नहीं थे।
जांच में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस को पता चला कि दोनों भाइयों ने कथित तौर पर गुरुग्राम के आयुर्वेद छात्र यश यादव से पेपर खरीदा था। कहा जा रहा है कि इसके लिए 15 से 20 लाख रुपये तक दिए गए।
अब CBI यश यादव और दोनों भाइयों से आमने-सामने पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह पेपर दिनेश के बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए खरीदा गया था। वहीं आरोपियों के परिवार ने सभी आरोपों को साजिश बताया है।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और Reddit पर भी लोगों में भारी गुस्सा है। कई यूजर्स ने इसे छात्रों की मेहनत के साथ खिलवाड़ बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की।