Dengue: देश में कोरोना वायरस महामारी का दौर भले ही खत्म हो गया है। लेकिन इसका खतरा अभी तक टला नहीं है। इस बीच देश में डेगू वायरस की एंट्री हो चुकी है। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में डेंगू का कहर जारी है। डेंगू बेहद खतरनाक बीमारी है। इसके चलते इंसान की जान तक जा सकती है। डेंगू एडीज एजिप्ट प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है। ऐसे में इससे बचाव बेहद जरूरी है। डेंगू बुखार को आमतौर पर हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है।
बुखार आने पर मरीज की हड्डियों में तेज दर्द होता है। अगर सही समय पर इलाज न मिल पाए तो डेंगू खतरनाक हो सकता है। अक्सर लोग डेंगू के बुखार को नॉर्मल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो बाद में भयानक रूप ले लेता है।
क्या कोरोना की तरह फैलता है डेंगू
डेंगू को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज रहते है। इस बीमारी को लेकर बहुत से लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। ऐसे में डेंगू को लेकर कुछ भ्रांतिया भी हैं। कुछ लोगों को लगता है कि डेंगू छींकने और हाथ मिलाने से भी हो जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है। डेंगू सिर्फ एडीज नाम के मच्छर के काटने से ही फैलता है। ये मच्छर साफ पानी में ही पैदा होते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में ही काटते हैं। डेंगू वायरस से पीड़ित व्यक्ति को अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए। लिक्विड डाइट लें और फलों के जूस का जरुर पीएं। मरीजों को अधिक तला, भुना या फिर जंक फ़ूड नहीं खाना चाहिए।
नॉर्मल बुखार से कैसे अलग है डेंगू
1 - डेंगू में अचानक बुखार आता है जो 104°F तक पहुंच जाता है।
2 -जबकि नॉर्मल बुखार में बुखार धीरे-धीरे बढ़ता है।
3 -डेंगू में आंखों के पीछे के हिस्से में दर्द होता है।
4 - डेंगू में सिरदर्द, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों का दर्द होता है।
5 - नार्मल बुखार या फ्लू में बदन दर्द होता है। हड्डियों तक ये दर्द नहीं जाता है।
6 -डेंगू में अक्सर त्वचा पर लाल चकत्ते होने की परेशानी देखी जाती है। जबकि नॉर्मल बुखार में ऐसा नहीं होता है।
7-डेंगू के कारण प्लेटलेट्स और व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या तेजी से गिर सकती है।
8-नॉर्मल बुखार आमतौर पर हल्का होता है, लेकिन डेंगू खतरनाक हो सकता है.
9-वायरल बुखार के ज्यादातर मामलों में शरीर का तापमान 101 डिग्री फ़ारेनहाइट तक रहता है। जबकि डेंगू से पीड़ितों में बुखार 103-104 डिग्री फ़ारेनहाइट होता है।
1-अपने आसपास पानी जमा न होने दें।
2-रात को मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाकर सोएं।
3-कोशिश करें की पूरे ढ़के हुए कपड़े पहनें।
4-आसपास के जगहों पर नियमित रूप से फॉगिंग करें।
5-सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
6-घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें।