डायबिटीज (Diabetes) की बीमारी आज के समय की सबसे आम बीमारियों में से एक है। हर फैमली में कोई एक व्यक्ति शुगर की बीमारी से पीड़ित है। डायबिटीज बीमारी आनुवांशिक (Genetic) भी होती है। इसलिए घर में किसी एक व्यक्ति को डायबिटीज होने के बाद इसका खतरा पूरी आने वाली पीढ़ी पर होता है। डायबिटीज के इलाज के लिए कई लोग जहां मेडिसिन पर निर्भर होते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसके नेचुरल उपचार की तलाश में होते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं। जिनका पालन करने से आप ब्लड शुगर को आसानी से कंट्रोल में रख सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि तनाव में रहना, कम नींद लेना, ठीक से खाना नहीं खाने से शुगर लेवल और बढ़ सकता है। ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को बहुत अधिक जरूरी है कि रोजाना पर्याप्त नींद लें। हमेशा रिलैक्स रहें। नींद न पूरी होने की वजह से इंसुलिन सेंसिटिविटी पर बुरा असर पड़ता है। अगर आप भी डायबिटीज से पीड़ित हैं तो रात में सोने से पहले इन नियमों पालन करें।
आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच बढ़ा हुआ रहता है। इसके पीछे कई वजहें होती हैं जैसे कि सोते समय हार्मोनल बदलाव, इंसुलिन का कम हो जाना, सोने से पहले कोई दवा लेना या फिर कार्बोहाइड्रेट वाली कोई चीज खाकर सोना। इससे बचने के लिए सोने से पहले हाई फाइबर और कम फैट वाली चीजें खाना चाहिए। ये चीजें ब्लड शुगर को स्थिर रखती हैं। सोने से पहले बहुत कम मात्रा में डिनर करें, इसका असर आपके ब्लड शुगर पर पड़ सकता है। अपने कमरे को सोने से पहले ऐसा बनाएं, जिससे नींद जल्दी आ जाए। सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएं। इसे दूर रख देना चाहिए।
रोजाना रात को सोने से पहले 7 भीगे बादाम खाने से शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। बादाम में ट्रिप्टोफैन और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। इससे नींद अच्छी आती है। इसके अलावा, लेट नाइट फूड क्रेविंग को भी शांत करते हैं।
रात में सोने से पहले थोड़ा देर जरूर टहलें। सोने से पहले फिजिकल एक्टीविटी से आप हमेशा स्ट्रेस फ्री रहेंगे। इससे आपको ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी।
रात के खाने के बाद और सोने से पहले हर किसी को 15 से 20 मिनट के लिए वज्रासन में बैठना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को भी रोजाना ये काम करना चाहिए। इससे न सिर्फ खाने को जल्दी पचाने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। बल्कि ब्लड शुगर के लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।