Diabetes: सितंबर महीने के बाद 2 से 3 महीने तक स्वाद और सेहत से भरपूर सीताफल मिलने लगता है। ये फल खाने में बहुत सरीला, मीठा और गुणों से भरपूर होता है। अगर आपने एक बार इसका स्वाद चख लिया तो इसके दीवाने हो जाएंगे। सीताफल को शरीफा भी कहते हैं। इंग्लिश में इसे कस्टर्ड एप्पल (custard apple) कहते हैं। इसे खाने तरीका थोड़ा अलग होता है। आपको छिलका हटाकर बीज गूदे को खाना है और बीजों को निकालते जाना है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। इसमें पोषक तत्वों का भंडार है।
शरीफा में सभी जरूरी मिनरल और विटामिन्स पाए जाते हैं। इसके सेवन से विटामिन C, विटामिन A, आयरन, पोटेशियम, कॉपर और मैग्नेशियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। सीताफल में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। शरीफा के पत्तों से टाइप 2 डायबिटीज का इलाज किया जा सकता है।
शुगर के मरीजों के लिए सीताफल है रामबाण
शरीफा यानी सीताफल के पत्तों एंटी-डायबेटिक गुण पाया जाता है। यह सीधे पैंक्रियाज पर असर करता है। बता दें कि पैंक्रियाज से इंसुलिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। यह हार्मोन जब रिलीज होता है तो खून में गए ग्लूकोज को अवशोषित कर लेता है। सीधे शब्दों में कहे तो इंसुलिन ही ग्लूकोज को पचाकर इसे एनर्जी में बदल देता है। शरीफा का पत्ता प्लाज्मा इंसुलिन के लेवल को बढ़ा देता है। जिससे ज्यादा देर तक इंसुलिन खून में बना रहता है। इस तरह अगर शरीफे के पत्ते को सुबह-सुबह चबाया जाए तो दिन भर इंसुलिन की मात्रा बनी रहेगी। जिससे खून में ब्लड शुगर का लेवल नहीं बढ़ेगा।
सीताफल से मोटापा होगा दूर
सीताफल फाइबर से भरपूर होता है। वजन घटाने वाले लोगों के लिए ये अच्छा फल है। इसमें कैलोरी काफी होती है लेकिन फाइबर अधिक होने की वजह से इससे पेट काफी देर तक भरा रहता है। ऐसे में आप ज्यादा खाने से बचते हैं।
सीताफल में विटामिस C भी पाया जाता है। जिससे इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद मिलती है। सर्दियों में या फिर बदलते मौसम में सीताफल खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। आपको डाइट में सीताफल जरूर शामिल करना चाहिए।