कहते हैं प्यार और जंग में सब जायज है। और Twitter के बॉस एलॉन मस्क (Elon Musk) इस बात को अच्छी तरह समझते हैं। यही वजह है कि एलॉन मस्क ने अपने विरोधियों के पर कतरने में रत्ती भर भी देर नहीं करते हैं। पिछले हफ्ते ही एलॉन मस्क ने उन पत्रकारों का ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया जो उनके खिलाफ लिखते थे। अब शुक्रवार 16 दिसंबर को एलॉन मस्क ने Koo का ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया। यह देसी माइक्रोब्लॉगिंग साइट है। ट्विटर हैंडल सस्पेंड करने के बाद Koo के फाउंडर मयंक बिदावटका (Mayank Bidawatka) ने अपने ट्विटर हैंडल से यह जानकारी दी।
ट्विटर पर मयंक बिदावटका लिखते हैं, "मैं भूल गया था। अभी और बाकी है। किसी बड़े अकाउंट को बैन करना-किसी को अनसेफ बताकर बैन करना। सीरियसली! koo को बैन कर दिया। ये कितना कंट्रोल करना चाहते हैं?"
मयंक बिदावटका ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके @kooeminence के अकाउंट को सस्पेंड करने के फैसले पर सवाल उठाया है। कुछ दिन पहले ही Koo ने अपना ट्विटर हैंडल शुरू किया था क्योंकि कुछ भारतीय सेलेब्रिटीज यह जानना चाहते थे कि कैसे Koo प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Koo के को-फाउंडर मयंक बिदावटका लिखते हैं, "पहली बात ये कि जो सूचना सार्वजनिक तौर पर जगजाहिर है उसके बारे में बताना गलत (doxxing) नहीं है। फिर ये जानकारी देने वाले को क्यों खत्म किया गया? दूसरी बात जो पत्रकार लिंक शेयर कर रहे हैं इसमें कुछ गलत नहीं है। सार्वजनिक पर मौजूद लिंक को पोस्ट करने में क्या गलत है। यह प्लैगरिज्म या कॉपी करने की बात नहीं है।"
बिदावटका ने आगे लिखा कि तीसरी बात ये है कि किसी पत्रकार को जवाब दिए बगैर हट जाना गलत है। चौथी बात ये है कि अपनी मर्जी से कोई भी पॉलिसी बना लेना गलत है। पांचवीं बात ये है कि हर दिन अपना नजरिया बदलना गलत है। छठी बात ये है कि नंबर प्लेट के साथ गुमनाम कार का वीडियो ट्विटर पर डालने की अनुमति कैसे मिलती है? सातवीं बात ये है कि किसी की बातचीत को बंद करवाने के लिए रातों रात ट्विटर से सस्पेंड करना। ऐसी तमाम लिस्ट हैं। यह लोकतंत्र नहीं है। और इसकी इजाजत नहीं होनी चाहिए। हमें इस पर आवाज उठानी चाहिए।
मयंक बिदावटका के तमाम ट्वीट यहां देखिए.