उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। शख्स पुलिस की वर्दी पहनकर वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इसके बाद चालान की धमकी देकर अवैध वसूली में जुटा हुआ था। इस शख्स की पहचान शिव बक्श के रूप में हुई है। पकड़ा गया आरोपी रायबरेली जिले के सरेनी निवाजीखेड़ा का रहने वाला है। उन्नाव में किराए का कमरा लेकर रहता था। आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर इलाके में लंबे समय से लोगों को गुमराह कर रहा था। एसपी के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत बीघापुर पुलिस ने इस शातिर को रंगे हाथ पकड़ा।
बीघापुर थाने के दरोगा लक्ष्मण प्रसाद पाण्डेय और उनकी टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी शिव बक्श को पकड़ा। आरोपी के पास से पुलिस वर्दी, मोनोग्राम वाली जैकेट, पुलिस बैज, जाली पहचान पत्र, नाम प्लेट और पीतल का ताज बरामद हुआ। इसके अलावा, 7300 रुपये नकद और पुलिस लिखी मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस का अनुमान है कि अब तक लाखों रुपये की अवैध वसूली कर चुका होगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
7 लाख रुपये देकर खरीदी वर्दी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसको वर्दी एक व्यक्ति ने दी थी और कहा था कि तुम्हारी पुलिस में नौकरी लगवा देंगे। हालांकि, वर्दी दिलवाकर वह गायब हो गया। नौकरी लगवाने.के लिए उसने 7.76 लाख रुपये उस व्यक्ति को दिए भी दिए थे। पुलिस ने जब आरोपी से पैसा लेने वाले व्यक्ति का नाम पूछा तो उसने कहा कि वह उसका नाम नहीं जानता है। लेकिन उसकी मुलाकात राम मनोहर लोहिया लखनऊ में मुलाकात..हुई थी। आरोपी युवक ने यह भी कहा कि उसके कमरे में वर्दी 12 दिनों से रखी हुई थी। उसने इससे पहले कभी नहीं पहनी थी।
पुलिस को कई बार एक ऐसे शख्स की शिकायत मिली थी, जो लोगों से वसूली कर रहा था। शख्स पुलिस की वर्दी में घूमता रहता था। खुद को यूपी पुलिस का सिपाही बताता था। आरोपी वाहन मालिकों से अवैध वसूली करता था। एक महीने से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार वो पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।