गंगा दशहरा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए पहुंचे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से लेकर उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी की घाटों पर श्रद्धालुओं की स्नान में जुटी हुई है। घाटों पर देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए गंगा घाट पर पहुंचे। वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। मोक्षदायिनी के घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों की भी़ड़ जुटी हुई है। अभी सिलसिला जारी है। गंगा दशहरा के मौके पर प्रयागराज, अयोध्या और हरिद्वार के गंगा घाटों पर भी भारी भीड़ है।
दरअसल, हर साल ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए भागीरथ इसी दिन गंगा को धरती पर लेकर आए थे। तभी से गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा और इसमें आस्था की डुबकी लगाने की परंपरा चली आ रही है। पुरानी मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से देवता खुश होते हैं। इसी के चलते श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद गंगा तट पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की और भोग लगाया।
प्रशासन ने किए श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम
घाटों पर लोगों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यूपी के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि गंगा दशहरा पर होने वाले स्नान को देखते हुए नदियों के घाटों और सरोवरों के किनारे स्नानार्थियों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी पुलिस कमिश्नर, आईजी, डीआईजी और जिले के कप्तानों को शनिवार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया था। नदियों के घाटों पर बैरिकेटिंग, गोताखोर और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अयोध्या के सरयू घाट पर भी स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
गंगा दशहरा 2024 शुभ-मुहूर्त
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह त्योहार आता है। इस साल दशमी तिथि का आरंभ 15 तारीख की देर रात्रि में 2.34 बजे पर शुरू हो गया। दशमी तिथि 16 तारीख की रात्रि 4.45 बजे तक रहेगी। यानी की 17 तारीख सुबह तक। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार 16 जून को ही गंगा दशहरा का पावन पर्व मनाया जा रहा है।
गंगा भारत में बहने वाली एक नदी है। यह उत्तराखंड के गंगोत्री से निकलती है। भारत के कई महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरती है। हिंदू धर्म में इसे बेहद पवित्र माना जाता है। हिंदू धर्म में गंगा नदी को मां का दर्जा दिया गया है। माना जाता है कि गंगा का जल पुण्य देता है और पापों को नाश करता है।