Drinking Water: पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ कई तरह की बीमारियों से बचाता है। आज की लाइफ स्टाइल में खड़े होकर पानी (Water) पीने का चलन हो गया है। कुछ लोगों के लिए यह मजबूरी भी हो सकती है। किसी को जल्दबाजी में खड़े होकर पानी पीना है तो वहीं किसी को बैठकर पानी पीना आलस्य लगता है। लेकिन आपको बता दें कि आयुर्वेद में खड़े होकर पानी पीना मना है। यह सेहत के लिए नुकसानदेह (Harmful) साबित हो सकता है। खड़े होकर पानी पीने से प्यास तो बुझती नहीं है। उल्टे शरीर के कई अंगों पर बुरा असर भी पड़ता है।
पानी हमारे शरीर में मौजूद गंदगी को साफ करता है। इसके साथ ही हमें दिन भर तरोताजा रखने में भी मदद करता है। इसलिए, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अच्छी सेहत के लिए दिन भर में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
खड़े होकर पानी पीने के नुकसान
घुटने में हो दर्द हो सकता
खड़े होकर पानी पीने से घुटनों में दर्द की शिकायत हो सकती है। जब खड़े होकर पानी पीते हैं तो पानी आपके शरीर से होकर घुटनों की ओर जाता है। वहां जमा हो जाता है। जिसकी वजह से घुटने की हड्डी पर बुरा बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही शरीर के अन्य जोड़ों में भी दर्द की शिकायत बनी रहती है।
खड़े होकर पानी पीने से हमारे शरीर को सही तरह से पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। पानी हमारे सिस्टम से होते हुए बहुत तेजी से गुजर जाता है। इससे हमारे फेफड़ों और हृदय को भी नुकसान पहुंचता है। इसकी वजह ये है कि खड़े होकर पानी पीने से फूड और विंड पाइप में होने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है।
जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं तो यह बिना फिल्टर हुए निचले पेट की तरफ तेजी से बढ़ता है। यह पानी में जमा अशुद्धियों को ले जाकर पित्ताशय में जमा कर देता है। जिससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इससे युरीनरी ट्रेक्ट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
खड़े होकर पानी पीने का बुरा असर हमारे पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। ऐसे पानी पीने से यह तेज गति से भोजन नली से होते हुए सीधे पेट के निचले हिस्से पर पहुंच जाता है, जो हानिकारक है। इससे तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ जाता है। बाद में टॉक्सिन्स और बदहजमी बढ़ती है।