Heart Attack: एक नहीं दिल में हो सकती हैं कई बीमारियां, जानिए लक्षण और कैसे करें बचाव

World Heart Day: देश में हार्ट अटैक के केस बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो दशकों में दिल के रोगियों की संख्या करीब 40-45 फीसदी बढ़ गई है। आजकल जवान लोगों में हार्ट अटैक के कई सारे मामले देखने को मिल रहे हैं। ऐसे केस ज्यादातर जिम में एक्सरसाइज करते हुए या डांस करते हुए आते हैं

अपडेटेड Sep 28, 2023 पर 1:16 PM
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Heart Attack: पेट की एसिडिटी भी कभी-कभी हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। लेकिन इसे पहचानना बेहद जरूरी है।

Heart Attack: कोरोना महामारी के बाद दुनिया भर में हार्ट से जुड़ी बीमारियों में इजाफा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization - WHO) के मुताबिक, साल 2020 में हृदय रोगों से दुनियाभर में 1.86 करोड़ लोगों की मौत हो गई, जो सभी मौतों का 32 फीसदी है और यह आंकड़ा डराने वाला है। वहीं भारत में बीते दो सालों में अचानक हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। खासतौर पर कम उम्र के बच्चे और ज्यादातर युवा हार्ट से जुड़ी बीमारियों के शिकार हुए हैं।

भारत में आमतौर पर हार्ट से जुड़ी बीमारियों को हार्ट अटैक या फिर कार्डियक अरेस्ट के रूप में ही देखा जाता है। लेकिन हार्ट से जुड़ी बीमारियां सिर्फ हृदय की गति का रुक जाना ही नहीं होता है। बल्कि ऐसी कई दूसरी समस्याएं भी होती हैं। जिनका सीधा संबंध हार्ट की सेहत से जुड़ा होता है।

बच्चों में बढ़ रही हैं हार्ट से जुड़ी समस्याएं


पिछले कुछ सालों से बच्चों में भी कोलेस्ट्रॉल लेवल तेजी से बढ़ा है। बच्चे आजकल घर में बना पौष्टिक खाना खाने के बजाय तले हुए खाद्य पदार्थ या जंक फूड खाना पसंद करते हैं। इसके अलावा बच्चे फिजिकल एक्टिविटी के बजाय घर में ही अपना ज्यादा समय सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम्स खेलने में बिताते हैं। शायद यही वजह है कि बच्चों में कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखने को मिल रही है। अगर बच्चे कोई भी फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं। ज्यादातर बाहर का भोजन करते हैं तो हार्ट से जुड़ी बीमारियों के शिकार जल्दी हो सकते हैं।

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ऐसे लक्षण दिखते ही फौरन डॉक्टर से करें संपर्क

हार्ट अटैक के लक्षण आमतौर पर सभी लोगों में दिखाई देते हैं। कई लोगों में हार्ट अटैक आने के कुछ दिनों या कुछ घंटों पहले सीने में दर्द, जकड़न, कंधों में दर्द, शरीर में बहुत अधिक थकान, सोने में घबराहट महसूस करना, दिल की धड़कन का तेज होना और थोड़ा सा पैदल चलने पर सांस फूलने की समस्या होने लगती है। इसके अलावा शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिर घूमना, जी मिचलाना, उल्टी होना और पेट खराब होने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

आमतौर पर पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण लगभग समान पाए जाते हैं। रात में सोते समय लगातार खर्राटे लेना या पर्याप्त नींद नहीं ले पाना भी हार्ट अटैक के खतरे को और भी बढ़ा देता है। टहलने पर पैरों में तकलीफ होना और पैरों में सूजन होना भी हार्ट अटैक के कुछ लक्षणों में से एक है।

कैसे करें बचाव?

1 - मॉडरेट एरोबिक एक्सरसाइज दिल के लिए अच्छी हैं।

2 - हफ्ते में 4 से 5 दिन एक्सरसाइज करें और दो दिन में आराम करें।

3 - अगर एक्सरसाइज के दौरान चेस्ट में दर्द और कंधे में दर्द हो रहा है, तो एक्सरसाइज न करें।

4 - बॉडी बनाने वाली दवाओं का सेवन ना करें।

5 - जरूरी नहीं कि एक घंटा या दो घंटे तक एक्सरसाइज करें, सिर्फ आधा घंटा भी काफी होता है।

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