Heatwave Alert in India: अप्रैल महीने में ही गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है। मौसम विभाग (Indian Meteorological Department – IMD) ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि इस हफ्ते के अंत तक दिल्ली के दिल्ली के अलावा देश के अन्य राज्यों में भीषण गर्मी पड़ सकती है। IMD का कहना है कि 15 अप्रैल के आसपास अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाएगा। दरअसल, इस समय तक पश्चिमी विक्षोभ कम होने लगता है। जिससे भीषण गर्मी शुरू हो जाती है। दक्षिण भारत के कई राज्य भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं। 8 अप्रैल को तेलंगाना और कर्नाटक में लू का अलर्ट जारी किया गया है।
हीटवेव अत्यधिक गर्म मौसम की अवधि है जो आमतौर पर दो या उससे अधिक दिनों तक रहती है। जब तापमान किसी दिए गए क्षेत्र के सामान्य औसत से अधिक हो जाता है तो उसे हीट वेव कहते हैं। लू की घटनाएं मौसम में दिन-प्रतिदिन बदलाव का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। जैसे-जैसे पृथ्वी की जलवायु गर्म होती जा रही है, वैसे-वैसे दिन और रात सामान्य से अधिक गर्म होते जा रहे हैं और हीट वेव की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे मौतों और बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।
कब घोषित किया जाता है हीटवेव?
हीटवेव तब माना जाता है जब किसी इलाके का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों में कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाए। अगर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। तब इसे खतरनाक लू की श्रेणी में कहा जाता है। तटीय क्षेत्रों में जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो जाता है तो लू चलने लगती है। मौजूदा समय में मौसम की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। इसके साथ ही सिर ढकने के लिए टोपी भी पहनने की सलाह दी है। साथ ही छाता लेकर भी चलने के लिए कहा गया है।
अपने आपको हाइड्रेट बनाए रखने के लिए पानी पीते रहें। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे अन्य पेय पदार्थ लेते रहें। गर्मी के मौसम में सूती, हल्के रंग के और बेहद हल्के वजन वाले कपड़े पहनें। अपन त्वचा को भीषण गर्मी से बचाने के लिए छाता, टोपी का इस्तेमाल करें। साथ ही चश्मा भी लगाएं। बुजर्गों, बच्चों और मोटापे के शिकार लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत रहती है। गमछा, तौलिया या सूती स्कार्फ से अपने कान जरूर कवर करके रखें। कान ढके रहने पर शरीर के तापमान को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
भीषण गर्मी के समय कभी न करें ऐसी गलती
दोपहर में 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न जाएं। बेहद जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। इस दौरान ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचाव करें। नमकीन, मसालेदार तेल से बनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। भीषण गर्मी के पीक ऑवर्स में खाना नहीं बनाना चाहिए। सोडा, कोल्ड ड्रिंक, कॉफी और चाय से जितना हो सके दूर रहें। ये शरीर में पानी की मात्रा को कम करने काम करती है। इससे लू लगने की आशंका बढ़ जाती है।