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उठने-बैठने या चलने में इन अंगों में हो रहा है दर्द, कभी न करें इग्नोर, इस साइलेंट किलर बीमारी से रहें सावधान

High cholesterol: शरीर में जल्द ही बैड कोलेस्ट्रॉल की पहचान करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द बढ़ने लगे तो कभी भी इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए

Curated By: Jitendra Singhअपडेटेड Nov 28, 2022 पर 10:19 AM
उठने-बैठने या चलने में इन अंगों में हो रहा है दर्द, कभी न करें इग्नोर, इस साइलेंट किलर बीमारी से रहें सावधान
हाई कोलेस्ट्रॉल का एक लक्षण हिप्स में भी नजर आता है। यह बीमारी साइलेंट किलर मानी जाती है

High Cholesterol: आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों से कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। हाई बीपी और बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल के चलते दिल की बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादातर लोगों को कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानकारी नहीं होती है। बता दें कि कोलेस्ट्रॉल खून में पाया जाना वाला एक तरह का फैट होता है। कोलेस्ट्रॉल दो तरह के होते हैं - एलडीएल और एचडीएल। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बैड कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। वहीं एचडीएल को गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल को साइलेंट किलर भी कह सकते हैं। इसके शुरुआती दौर में लक्षणों की पहचान करना मुश्किल होता है।

गुड कोलेस्ट्रॉल को शरीर के लिए काफी जरूरी माना जाता है। इसकी वजह ये है कि यह खून में एक्स्ट्रा फैट को जमने नहीं देता। इसके साथ ही धमनियों को साफ रखने में मदद करता है। यह दिल को स्वस्थ रखने का काम करता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज़्यादा होने से हार्ट अटैक और किडनी फेलियर का खतरा बढ़ता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल

वहीं बैड कोलेस्ट्रॉल की बात करें तो इसे शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। . बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से धमनियों में यह जमने लगता है। जिससे हृदय तक पहुंचने वाले खून का फ्लो काफी ज्यादा कम हो जाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर के कई हिस्सों में इसके लक्षण दिखाई देते हैं। अक्सर लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजर अंदाज कर दिया जाता है। जिससे परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर में छोटे मोटे बदलाव होने पर खास तौर से ध्यान देने की जरूरत है। इससे इन बीमारियों से होने वाले खतरे से बचा जा सकता है।

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